मुजफ्फरनगर। पॉक्सो अदालत ने शनिवार को सगी भांजी का अपहरण कर दुराचार करने वाले मामा को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 27 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया कि वादी ने थाना चरथावल पर मुकद्दमा दर्ज कराते हुए बताया था कि थाना चरथावल के गांव हरजीपुर रानी में मेरठ के ग्राम बढ़ला कैथवाडा निवासी जितेंद्र अपनी सगी बहन के घर रहता था। आरोप है कि अपनी भांजी को 21 अप्रैल 2017 को बहलाकर अपहरण कर ले गया और उसके साथ मेरठ, मथुरा, आगरा और बनारस में दुराचार किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जितेन्द्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार तिवारी की अदालत प्रधान पॉक्सो एक्ट कोर्ट में सुना गया। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमा सिद्ध करने के लिए प्रभावी पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो दिनेश कुमार शर्मा व मनमोहन वर्मा ने सात लोगों को गवाही के लिए पेश किया। उसके साथ अपनी दलिलों के साथ सबूत दिए।
न्यायाधीश ने अभियुक्त जितेंद्र को दोषी करार देते हुए धारा 363 के तहत तीन वर्ष का कारावास, धारा 376 के तहत पांच वर्ष का कारावास व 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास व कुल 27 हजार रुपये का जुर्माना किया है।








