चंद्र ग्रहण : 149 साल के बाद है यह दुर्लभ योग, बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट

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लखनऊ।चंद्र ग्रहण का दुर्लभ योग बनने के कारण ​मंदिरों के कपाट ग्रहण लगने से नौ घंटे पहले पूजा अर्चना के बाद बंद कर दिए जाएंगे।प्रयागराज के प्रसिद्ध बड़े हनुमान मंदिर के महंत नरेंद्र गिरी के अनुसार देर रात 1.54 बजे 149 साल के बाद यह योग बन रहा है।  गुरु पुर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण के चलते सूतक लग जाएगा।

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 महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देना चाहिए

महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देना चाहिए। चंद्र पर लगे ग्रहण को देखना नहीं चाहिए। घरों की दीवारों पर गेरुआ के चिह्न लगाने चाहिए। महंत नरेंद्र गिरी ने बताया कि बुधवार को सुबह पांच बजे के बाद बड़े हनुमान मंदिर की साफ-सफाई और पूजा-अर्चना करने के बाद कपाट खोले जाएंगे।

मंगलवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व, दोपहर 12 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक शुरू होगा

अयोध्या में गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव, मंगलवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व, दोपहर 12 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक शुरू होगा। दोपहर 12 बजे तक ही गुरु पर्व मनेगा। 12 बजे के बाद मंदिरों के कपाट सूतक लगने से बंद होंगे। श्री रामलला के एक ही पहर दर्शन होगा। 17 जुलाई को गुरुपर्व का भोजन प्रसाद कार्यक्रम होगा।

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ज्योतिषी के मुताबिक चंद्र ग्रहण का नजारा करीब 3 घंटे तक दिखाई देगा

ज्योतिषी के मुताबिक चंद्र ग्रहण का नजारा करीब 3 घंटे तक दिखाई देगा। चंद्र ग्रहण का सूतक 16 जुलाई को दोपहर 3 बजे से लग जाएगा और 17 जुलाई को सुबह 4.30 बजे तक रहेगा। सूतक लगने से पूर्व ही मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। इससे पहले गुरु पूजन किया जा सकेगा. 16 जुलाई की मध्य रात्रि 1.32 बजे ग्रहण का स्पर्श होगा और ग्रहण रात 3.01 बजे तक रहेगा. ग्रहण का समय 2.58 घंटे का रहेगा।

कैसे और कहां-कहां भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण?

ग्रहण को पूरे भारत में देखा जा सकता है। इस दिन चांद पूरे देश में शाम 6 बजे से शाम 7 बजकर 45 मिनट तक उदित होगा, जिसे देशभर के लोग देख पाएंगे। इसके लिए कोई सावधानी बरतने की जरूरत नहीं है, आप नंगी आंखों से इसे देख सकते हैं। एक ऑप्शन टेलिस्कोप भी हो सकता है। हालांकि देश के पूर्वी भाग में स्थित बिहार, असम, बंगाल और उड़ीसा में ग्रहण की अवधि में ही चांद अस्‍त हो जाएगा।

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