मथुरा। उत्तराखंड के जिला चमोली के गांव माणा में हिमस्खलन (Avalanche) में फंसे मथुरा के चार युवकों में से तीन सुरक्षित बताए जा रहे हैं। उपचार के लिए तीनों को ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया है, जबकि विवेक के परिजनों का कहना है कि बेटे से बात नहीं हो पा रही है। अधिकारियों से भी संपर्क नहीं होने के कारण वह परेशान हैं।
कोसीकलां और छाता क्षेत्र से ये युवक काम करने के लिए चमोली गए थे। हिमस्खलन (Avalanche) की जानकारी मिलने के बार परिवार वाले लगातार युवकों से संपर्क साध रहे हैं। इनमें से कोसीकलां के गांव फूलगढ़ी निवासी राजेंद्र सिंह, गोविंद सिंह, सुखदेव सिंह और छाता के गांव नगला बिरजा सेमरी निवासी विवेक सिंह शामिल हैं।
गोविंद के भाई खेमी ने बताया है कि शुक्रवार दिन में उन्हें टीवी चैनल के माध्यम से हिमस्खलन की जानकारी मिली थी। उन्होंने गोविंद से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। फिर गांव के सुखदेव और राजेंद्र के परिजनों की भी उनसे बातचीत नहीं हो सकी। इसके बाद परिजन परेशान होने लगे।
उन्होंने बताया है कि शनिवार सुबह वहां के अधिकारियों का फोन आया है कि राजेंद्र, सुखदेव और गोविंद को उपचार के लिए ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया है। यह जानकारी मिलने के बाद परिवार वाले शनिवार सुबह ऋषिकेश के लिए रवाना हो गए।
15 दिन पहले ही काम पर गए थे युवक
सुखदेव व राजेंद्र के परिजनों का कहना है कि गोविंद माणा में सीमा सड़क संगठन (यह संगठन भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क व पुलों का निर्माण करता है) में काम करता है। वह करीब एक साल से वहां काम करता है। 15 दिन पहले ही गोविंद दोनों को अपने साथ काम पर ले गए था। बीते दो दिनों से परिजनों को तीनों से कोई बातचीत नहीं हुई है। फिलहाल एम्स में भर्ती होने की सूचना मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है।
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छाता के रहने वाले विवेक के भाई रंजीत ने बताया है कि दो दिन पूर्व विवेक से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी। हिमस्खलन की जानकारी मिलने के बाद परिवार वाले परेशान हैं। विवेक कहां है.. किस हाल में है.. इसकी कोई जानकारी नहीं है। वह माणा रवाना हो गए हैं।