• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस शुभ योग में मनाई जाएगी मौनी अमावस्या, जानें पूजा के नियम

Writer D by Writer D
09/02/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Mauni Amavasya

Mauni Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) को हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मौनी अमावस्या 9 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसका आध्यात्मिक और धार्मिक दोनों तरह से महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) का दिन पितरों के तर्पण करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना गया है। हर व्यक्ति को इस दिन अपने पितरों का तर्पण करना चाहिए।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) 2024 तिथि

अमावस्या तिथि की शुरुआत – 9 फरवरी, 2024 – प्रातः 08:02 से।

अमावस्या तिथि का समापन – 10 फरवरी 2024 – प्रातः 04:28 तक।

शुभ योग में मनाई जाएगी मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya)

पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा करना बहुत लाभकारी माना जाता है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7.05 बजे शुरू होगा। यह रात 11.29 बजे समाप्त होगा।

मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) पूजा नियम

– इस दिन सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान किया जाता है।
– मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) पर संभव हो, तो गंगा स्नान जरूर करें।
– इस दिन पितरों के लिए घी का दीपक अवश्य जलाएं।
– इस शुभ दिन पर पितृ तर्पण और पितृ पूजा भी की जाती है।
– मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) हवन, गायत्री जाप और भगवद गीता का पाठ करने के लिए भी उत्तम मानी जाती है।
– इस दिन ब्राह्मणों को भोजन जरूर कराएं। ऐसा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

पितरों के तर्पण मंत्र

पितृभ्य:स्वधायिभ्य:स्वधा नम:। पितामहेभ्य:स्वधायिभ्य:स्वधा नम:। प्रपितामहेभ्य:स्वधायिभ्य:स्वधा नम:

ओम आगच्छन्तु में पितर एवं ग्रहन्तु जलान्जलिम

पितृ गायत्री पाठ भी पितरों की मुक्ति के लिए किया जा सकता है।

ॐ आद्य-भूताय विद्महे सर्व-सेव्याय धीमहि। शिव-शक्ति-स्वरूपेण पितृ-देव प्रचोदयात्।

Tags: Mauni AmavasyaMauni Amavasya 2024mauni amavasya kab haiMauni Amavasya muhurat
Previous Post

भूलकर भी न करें मेकअप से जुड़ी ये गलतियां

Next Post

30 साल बाद शनि और सूर्य का होगा मिलन, इन राशियों को देगा डबल लाभ

Writer D

Writer D

Related Posts

Kundali
धर्म

जाने कब पार्टनरशिप में शुरू किया गया काम होता है सफल

14/03/2026
Hair
फैशन/शैली

बिना स्ट्रेटनर के करें बाल स्ट्रेट, फॉलो करें ये आसान स्टेप्स

14/03/2026
dahi capsicum
फैशन/शैली

हल्का और चटपटा खाने की इच्छा को पूरी करेगी ये डिश, फटाफट हो जाएगी तैयार

14/03/2026
Foundation
Main Slider

नए घर की नींव में इन चीजों को जरूर रखें, बुरी शक्तियों का प्रभाव होता है कम

14/03/2026
vastu tips
फैशन/शैली

इन दिशाओं में लगाएं घड़ी, धन का होगा आगमन

14/03/2026
Next Post
Basant Panchami

30 साल बाद शनि और सूर्य का होगा मिलन, इन राशियों को देगा डबल लाभ

यह भी पढ़ें

Shankaracharya Avimukteshwarananda

गाय के लिए धर्मयुद्ध, इस दिन लखनऊ में शुरू होगा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आंदोलन

06/03/2026
stf arrested 5 smugglers

STF ने जब्त किया एक करोड़ का फेन्साडिल सिरप, पांच तस्कर गिरफ्तार

22/02/2021
CM Vishnudev Sai

सीएम साय ने छठ घाट में सूर्य को दिया अर्घ्य, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

27/10/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version