किसानों की आय दोगुना करने में Medicinal and Aromatic Crops महत्वपूर्ण : गिरिराज सिंह

Medicinal and Aromatic CropsMedicinal and Aromatic Crops

लखनऊ।  केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री द्वारा किसानों की आय दोगुना करने के संकल्प की चर्चा की। उन्होंने  कहा कि इसमें Medicinal and Aromatic Crops महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

यह बात श्री सिंह ने CSIR – Central Institute of Medicinal and Aromatic Plants  (CSIR-CIMAP) में बुधवार आयोजित  किसान मेला में कही।

Medicinal and Aromatic Crops साकार करेगी  प्रधानमंत्री का सपना

उन्होंने कहा कि सीएसआईआर-एरोमा मिशन के अंतर्गत स्थापित किये जाने वाले 300 क्लस्टर्स में 300 प्रसंस्करण इकाइयाँ लगाने हेतु एमएसएमई मंत्रालय भी जुड़ेगा। श्री  सिंह ने आशा व्यक्त की कि CIMAP के प्रयास से मेन्था जैसी सफलता की कहानी दूसरी सुगंधित फसलों में भी साकार हो सकेगी। उन्होंने  कहा कि किसान को Medicinal and Aromatic Crops का उत्पादन बढ़ाकर  उनके चेहरे पर खुशी लाई जा सकती है।

विगत 14 वर्षों की भांति इस वर्ष भी CSIR – Central Institute of Medicinal and Aromatic Plants  (CSIR-CIMAP) ने  लखनऊ स्थित कैम्पस में   विभिन्न राज्यों से आये लगभग 7000 किसानों का जमावड़ा रहा। किसानों ने मेले में भाग लेकर और Medicinal and Aromatic Crops की लाभकारी खेती के बारे में जानकारी ली और अपने अनुभव भी साझा किये।

इसके पूर्व CSIR-CIMAP के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि इस वर्ष CSIR-एरोमा मिशन के अंतर्गत किसान मेला में पधारे किसानों को नवीनतम जानकारी व प्रौद्योगिकी द्वारा सक्षम बनाकर उनकी आय में वृद्धि करना ही हमारा मुख्य उद्देशय है।

20 फीसदी  छूट के साथ उपलब्ध कराई मेन्था की जड़ें

प्रो. त्रिपाठी ने बताया कि इस वर्ष लखनऊ मुख्यालय से लगभग 500 क्विंटल अधिक उपज देने वाली मेन्था की प्रजाति की जड़ें (पौध सामग्री) के रूप में जिंदल ड्रग्स और रीगले कंपनी के वित्तीय सहयोग से किसान मेले के अवसर पर 20 फीसदी  छूट के साथ उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा पन्तनगर केंद्र से आगामी 8 फरवरी को होने वाले मेले के अवसर पर 200 क्विंटल उन्नत क़िस्मों की अतिरिक्त जड़ें किसानों को दी जायेंगी।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि  यूपी के कृषि मंत्री  सूर्य प्रताप शाही ने Medicinal and Aromatic Crops के उत्पादन में CSIR-CIMAP के योगदान की प्रशंसा की । उन्होंने  संतोष व्यक्त किया कि संस्थान के प्रयासों से 3-4 लाख किसानों की आय बढ़ाते हुए देश को मेन्था के उत्पादन और निर्यात में शीर्ष स्तर पहुँचने में सफलता मिल चुकी है।

अगले वर्ष आयोजित होगा  अंतर्राष्ट्रीय किसान मेला

कृषि मंत्री  शाही ने आगे बताया कि CIMAP द्वारा विकसित मेन्था की किस्में किसानों में काफी लोकप्रिय हैं। इसकी उपज बढ़ाने में मददगार साबित हो सकी हैं। वर्षा आधारित क्षेत्रों में खेती की प्रणाली विकसित करने पर बल देते हुए कृषि मंत्री ने आशा व्यक्त की कि नींबूघास, रोशाघास जैसी सगंधीय फसलें कम पानी वाले अथवा सूखा प्रभावित क्षेत्रों में सफलता पूर्वक उगाई जा सकेंगी। उन्होनें आगे कहा कि उचित फसल चक्र अपनाकर किसान खाद्यान्न और नकदी फसलें जिसमें Medicinal and Aromatic Crops भी सम्मिलित हैं। इनकी खेती करें जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी।  उन्होंने आगे बताया कि प्रदेश में अगले वर्ष एक अंतर्राष्ट्रीय किसान मेला आयोजित करने हेतु प्रयास किया जा रहा है।

इस अवसर पर किसान मेला समिति के अध्यक्ष डॉ. आलोक कालरा ने भी किसानों को संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया। किसान मेला के संयोजक, डॉ. संजय कुमार ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर मेले में किसानों के लिए एक परिचर्चा सत्र का भी आयोजन किया गया जिसमे वैज्ञानिक व उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। किसानों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर विषय विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने  दिया।

वैज्ञानिकों ने दिये खेती के टिप्स, किसानों ने साझा किये अपने अनुभव

इस वर्ष किसान मेला में अन्य कार्यक्रमों के अतिरिक्त एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है। जिसमें सीएसआईआर की प्रयोगशालाओं तथा एफएफडीसी एवं एनएमपीबी के द्वारा किसानों के लिए उपयोगी प्रौद्योगिकियों तथा योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। मेला स्थल पर उद्योगों और स्वयं-सेवी संस्थाओं तथा महिला सशक्तिकरण योजना आदि के स्टॉल भी लगाए गए। पूजा के फूलों पर आधारित अगरबत्ती व कोन बनाने के प्रशिक्षण व प्रदर्शन में महिलाओं ने काफी उत्साह दिखाया। किसान मेले में सोलर ऊर्जा से आसवन सयन्त्र चलाने का विशेष प्रदर्शन, जिरेनियम की पौध सामग्री के निर्माण के लिए एक विकसित किफ़ायती तकनीक, सीमैप के हर्बल उत्पाद, अगैती मिन्ट टेक्नोलोजी, इत्यादि के बारे में भी चर्चा की गई व प्रदर्शनी लगाई गई।

CIMAP द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘औस-ज्ञान्या’ तथा CSIR-एरोमा मिशन पुस्तिका का विमोचन

किसानों और उद्यमियों को इस अवसर पर CIMAP द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘औस-ज्ञान्या’ तथा CSIR-एरोमा मिशन पर प्रकाशित पुस्तिका भी उपलब्ध कराई गई।   किसान मेले में अश्वगंधा व केवांच की उन्नत किस्में भी जारी की गई।

सीमैप में किसानों, वैज्ञानिकों और उद्योगों का अनूठा संगम

विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों  अजय जिंदल (जिंदल इंडस्ट्रीज़), अजय कुमार जैन (इसैन्श्यल ऑइल असोशिएशन ऑफ इंडिया),  रमेश वैज्य (केलकर ग्रूप),  दिनेश कुमार (नैचुरल एरोमा),  रमाकांत हरलालका (निशांत एरोमा), इंद्रनील मुखर्जी (एमसीएक्स) और  अजीत शर्मा व  ए. के. सिंह (रिगले) ने भी मेले में भाग लिया।

इसके पूर्व मुख्य अतिथि गिरिराज सिंह व विशिष्ट अतिथि  सूर्य प्रताप शाही ने सीमैप परिसर में सीता-अशोक का एक पौधा भी लगाया। समारोह में कई गणमान्य अतिथियों के अतिरिक्त IITR तथा CDRI के निदेशक डॉ. आलोक धवन, NBRI के निदेशक, डॉ. एस. के. बारिक व CDRI पूर्व-निदेशक डॉ. वी. पी. काम्बोज भी उपस्थित थे।

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