चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Nayab Saini) ने पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री से मुलाकात का अर्थ गठबंधन नहीं है। सोमवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं। अकाली दल पंजाब की प्रमुख पार्टी है। सुखबीर बादल ने पंजाब के हितों की चिंता करते हुए प्रधानमंत्री से मुलाकात करके पंजाब की समस्याओं पर बात की है। इसका यह अर्थ नहीं है कि पंजाब में भाजपा का अकाली दल के साथ गठबंधन होगा। भारतीय जनता पार्टी पंजाब की जनता के साथ गठबंधन कर चुकी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि पंजाब की जनता से किए वादे पूरे करने में नाकाम रहे पंजाब के मुख्यमंत्री अब हरियाणा की चिंता कर रहे हैं। अब तो भगवंत मान को सपने में भी हरियाणा का मुख्यमंत्री दिखाई देता है। पंजाब के मुख्यमंत्री को पहले पंजाब की जनता से किए गए वादों का हिसाब देना चाहिए और बताना चाहिए कि उनमें से कितने वादे पूरे किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सत्ता में आने से पहले जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज पंजाब के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब चुनाव नजदीक आने पर जनता को फिर से गुमराह करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने शेष हैं और पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा बड़े बड़े मंचों से अब पेंशन के एक-दो महीने के पैसे डालने की बातें की जा रही हैं। यदि महिलाओं को लाभ देना ही था तो पहले साल से ही क्यों नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी के ‘कट्टर ईमानदार’ होने के दावे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी खुद को कट्टर ईमानदार कहती थी, लेकिन आज पंजाब की हालत देखकर समझ नहीं आता कि आखिर यह कैसी ईमानदारी है। पहले कांग्रेस ने पंजाब की जनता का शोषण किया और अब आम आदमी पार्टी ने उससे भी आगे बढक़र शोषण किया है।
पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा हरियाणा में कथित पेपर लीक गैंग को लेकर दिए गए बयान पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि भिवानी में कोई पेपर लीक गैंग चल रहा है, तो पंजाब सरकार अपनी पुलिस से कार्रवाई क्यों नहीं करवाती। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाना और राजनीतिक बयानबाजी करना उचित नहीं है।
