पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) ने शुक्रवार को शाहकोट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सतलुज नदी के किनारे बनने वाली 37.93 किलोमीटर लंबी ‘धुस्सी बांध लिंक सड़क’ का शिलान्यास (नींव पत्थर) किया। इस बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना के निर्माण पर कुल 61.82 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह नई सड़क न केवल क्षेत्र में लोगों के आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि सालों से चली आ रही विनाशकारी बाढ़ की समस्या का एक स्थायी समाधान भी साबित होगी।
यह सड़क शाहकोट-मोगा-रामपुर मार्ग को सीधे गिद्दड़पिंडी धुस्सी बांध से जोड़ने का काम करेगी, जिससे आसपास के लगभग 15 गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों को सीधा और बड़ा फायदा पहुंचेगा। शाहकोट और लोहियां के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग दशकों से हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ के खौफ के साए में जीने को मजबूर थे। मानसून के दौरान अक्सर इन गांवों का संपर्क बाकी दुनिया से पूरी तरह कट जाता था। अब इस पक्की सड़क के बनने से नदी का बांध काफी मजबूत हो जाएगा, जो बाढ़ के पानी को गांवों में घुसने से रोकने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगा।
किसानों, छात्रों और व्यापारियों के लिए बनेगी ‘लाइफलाइन’
रोजाना का आवागमन होगा आसान: 37.93 किलोमीटर लंबी यह धुस्सी बांध लिंक सड़क इस पूरे ग्रामीण क्षेत्र के लिए एक ‘जीवन रेखा’ (लाइफलाइन) साबित होगी। इसके बन जाने से रोजाना करीब 15 से 16 हजार लोगों को बेहतर और सुरक्षित सफर की सुविधा मिलेगी।
ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति: यह नया मार्ग शाहकोट-मोगा सड़क को लोहियां-मक्खू सड़क के साथ सीधे कनेक्ट करेगा। इस वजह से यह एक बेहद प्रभावी बाईपास (Alternative Route) के तौर पर भी काम करेगा, जिससे मुख्य रास्तों पर गाड़ियों का भारी दबाव और ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम हो जाएगा।
आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार: इस बाईपास और बाढ़-मुक्त सड़क के निर्माण से स्थानीय किसानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने, छात्रों को स्कूल-कॉलेज जाने और व्यापारियों को अपना माल सप्लाई करने में समय और पैसे दोनों की बड़ी बचत होगी।
