एटीएम का क्लोन बनाकर गायब किये लाखों रूपए  

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लखनऊ। राजधानी की हुसैनगंज पुलिस व साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने लोगो को झांसा देकर उनके खाते से रकम उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपित जालसाज लोगों की मदद करने के बहाने एटीएम का क्लोन बना लेते थे और फिर उनके खाते से रकम उड़ा देते थे। जालसाज अब तक करोड़ो की जालसाजी कर चुके गिरफ्तार अभियुक्तों के गिरोह के अन्य सदस्यों की पुलिस तलाश कर रही है।

ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने का प्रयास

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया की लखनऊ में लगातार बढ़ रही एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर जालसाजी घटनाओ की जांच के लिए हुसैनगंज पुलिस द्वारा जांच शुरू की गयी थी। ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए साइबर क्राइम सेल को भी लगाया गया था। उक्त प्रकरण के स बन्ध में प्राप्त सूचना के आधार पर लखनऊ व अन्य जनपदों राज्यो में एटीएम क्लोनिंग के मामले में एसएसपी दीपक कुमार के आदेशानुसार एएसपी पूर्वी व सीओ हजरतगंज व नोडल अधिकारी साइबर क्राइम सेल के निर्देशन में हुसैनगंज व साइबर क्राइम सेल द्वारा जांच शुरू की गयी। मुखबिरों का सहारा लिया गया व साइबर तकनीक की मदद ली गयी तो प्रकाश में आया की एक सक्रीय गिरोह द्वारा भीड़भाड वाले इलाको को निशाना बनाते हुए एटीएम में पैसा निकालने गए लोगों को मदद का झांसा देकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

तीन जालसाजों को किया गिरफ्तार 

मुखबिर की सूचना व साइबर तकनीक की मदद से तीन जालसाजों अशोक कुमार वर्मा निवासी गोंडा, राजन सिंह उर्फ छोटू निवासी बस्ती एवं रवी भास्कर निवासी गोंडा को हुसैनगंज इलाके के छत्ते वाले पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से सात एटीएम कार्ड, एक स्कीमर मिनी डीएक्स, एक हुंडई कार समेत 40 हजार रुपये बरामद किये गए। गिर तार अभियुक्तों में राजन उर्फ छोटू लूट एवं हत्या के मामले में बलरामपुर से इनामिया है एवं अभियुक्त भी एटीएम क्लोनिंग में ही बलरामपुर से 15 हजार का ईनाम घोषित अपराधी है। वही गिर तार अभियुक्तों ने गिरोह के तीन अन्य साथियो साजिद खान, आलोक व लखनऊ का कु यात बिलाल खान का नाम बताया है जो इसी गैंग के सक्रीय सदस्य है, फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में भी सरगर्मी से जुट गयी है।

वृद्ध और महिलायें अधिकत्तर होती थी टारगेट 

अभियुक्तों ने बताया कि वो ऐसी जगहों को निशाना बनाते थे जहां ज्यादा लोग हो। उनके निशाने पर महिलायें व बुजुर्ग रहते थे साथ ही ऐसे लोग भी निशाने पर रहते थे जो एटीएम मशीन संचालन में अनभिज्ञ होते हो। इसी बीच वो मदद का झांसा देते थे और क्लोनिंग मशीन से एटीएम का क्लोन तैयार कर लेते थे और इसके लिए वो स्कीमर का प्रयोग करते थे और लाखों रुपयो की चोरी करते थे।
बैंक आफ बड़ोदा का एक कर्मचारी भी शामिल
अभियुक्तों ने यूपी के जनपदों लखनऊ, कुशीनगर, महाराजगंज, रायबरेली, सुल्तानपुर, बलरामपुर, बस्ती, देवरिया, गोरखपुर, हापुड़, मेरठ, फैजाबाद, फतेहपुर, खीरी व सीतापुर समेत दिल्ली, बिहार व राजस्थान समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों और कई राज्यों में जालसाजी की घटनाओ को अंजाम दिया है। अभियुक्तों ने बताया की घटनाओ में प्राप्त रकम में से 80 लाख रुपयों का मकान बनाया गया। इसके अलावा कार, ट्रैक्टर समेत अपाचे व पल्सर बाइक भी खरीदी गयी। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया की इस मामले में बैंक ऑफ बड़ोदा का एक कर्मचारी भी इनकी मदद करता था और इन्हें खाली एटीएम देता था उस बैंकर तक भी पुलिस पहुंचेगी।
पुलिस टीम को मिला 10,000 का ईनाम
एसएसपी दीपक कुमार ने बताया की गिरोह के भांडाफोड़ में मु य रूप से साइबर क्राइम टीम के इंस्पेक्टर विजय सिंह सिरोही, एसआई राहुल राठौर, कांस्टेबल फिरोज बदर, कांस्टेबल अजय प्रताप सिंह, कांस्टेबल अखिलेश कुमार एवं कांस्टेबल मो शरीफ खान समेत हुसैनगंज पुलिस के इंस्पेक्टर आनंद कुमार शुक्ला, एसआई रणधीर सिंह एवं कांस्टेबल राजेश सिंह ने भूमिका निभायी। एसएसपी दीपक कुमार द्वारा इस टीम को 10 हजार रुपये ईनाम की घोषणा की गयी है।
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