भारत ने किया ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण, जानें क्याल हैं खूबियां

ब्रह्मोस मिसाइल
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भुवनेश्वर। भारत ने सोमवार को भारी बारिश के बावजूद जमीन से जमीन पर प्रहार करने वाली प्रहार करने वाली सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। मिसाइल सुबह 10.18 बजे चांदीपुर के बालासोर जिले में स्थित परीक्षण केंद्र से लॉन्च की गई।

भारत ने ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण कर रक्षा क्षेत्र में एक और मील का पत्थर हासिल किया

रक्षा शोध व विकास संगठन (डीआरडीओ) का कहना है कि इस परीक्षण ने सभी मानकों को पूरा कर लिया है। डीआरडीओ के अधिकारी ने बताया कि इसके साथ भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और मील का पत्थर हासिल कर लिया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत के डीआरडीओ व रूस के फेडरल स्टेट यूनिटरी एंटरप्राइज एनपीओएम का संयुक्त उद्यम है।

यह परीक्षण इस मिसाइल की एक्सपायरी डेट को 10 साल से बढ़ाकर 15 साल करने की कवायद का  है हिस्सा

यह परीक्षण ब्रह्मोस के जीवनकाल बढ़ाने के लिए किया गया है। यह परीक्षण इस मिसाइल की एक्सपायरी डेट को 10 साल से बढ़ाकर 15 साल करने की कवायद का हिस्सा है। ब्रह्मोस भारत और रूस के द्वारा विकसित की गई अब तक की सबसे आधुनिक प्रक्षेपास्त्र प्रणाली है और इसने भारत को मिसाइल तकनीक में अग्रणी देश बना दिया है।

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यह मिसाइल ध्वनि की आवाज से भी तीन गुना अधिक रफ्तार से भरती है उड़ान

बतातें चलें कि यह मिसाइल ध्वनि की आवाज से भी तीन गुना अधिक रफ्तार से उड़ान भरती है। इस परीक्षण से सशस्त्र सेनाओं को अधिक समय के लिए मिसाइल मिल सकेगा। ब्रह्मोस को पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। यह मिसाइल 290 किमी मार करने की क्षमता रखती है। सेना में शामिल हो चुकी इस मिसाइल का विगत कई सालों से सफलता पूर्वक परीक्षण किया जाता रहा है।

अमरीका की टॉम हॉक मिसाइल भी इसके आगे है फिसड्डी

प्रक्षेपास्त्र तकनीक में दुनिया का कोई भी प्रक्षेपास्त्र तेज गति से आक्रमण के मामले में ब्रह्मोस की बराबरी नहीं कर सकता। इसकी खूबियां इसे दुनिया की सबसे तेज़ मारक मिसाइल बनाती है। यहां तक की अमरीका की टॉम हॉक मिसाइल भी इसके आगे फिसड्डी साबित होती है।

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