बारह दिन बाद भी लापता युवक और स्कार्पियो का नहीं लगा सुराग

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लखनऊ। शासन व पुलिस की लापरवाही और सुस्त कार्यशैली एक परिवार पर दिन-ब-दिन भारी पड़ रही है। जिसके चलते एक युवक को लापता हुए 12 दिन बीत चुके है लेकिन उसका कुछ पता नही चल सका। और तो और उसकी स्कार्पियों कार भी पुलिस बरामद नही कर सकी है।

लापता युवक के दोस्तो की निशानदेही के बाद इंद्रा नहर में स्कार्पियों होने की संभावना जताई जा चुकी है लेकिन अभी तक गोताखोरो को खोजबीन के लिए लगाया गया नहर बंद करवाकर उसकी गाड़ी बरामद की गई। आलम यह है कि परिवार के सदस्य अपनी भूख प्यास तक भूल गए हैं लेकिन शासन व पुलिस को इससे कोई फर्क नही पड़ रहा है।

ज्ञात हो कि गोसाईगंज थानाक्षेत्र स्थित सरसवां गांव निवासी किजय सिंह चौहान गत् 26 दिसम्बर की शाम घर से स्कार्पियो कार लेकर क्षेत्र के ही किनौना गांव अपने किसी काम से गया था। जिसके बाद से वह लापता हो गया। परिजनों ने 27 दिसम्बर को गोसाईगंज थाने पर घटना की शिकायत करते हुए पुलिस से सहायता की गुहार लगाई।

पुलिस ने गुमशुदा किजय सिंह चौहान की कॉल डिटेल के आधार पर मामले की जाँच शुरू की। अब घटना के 12 दिन बीत गए हैं लेकिन न तो पुलिस अब तक गुमशुदा किजय की स्कार्पियों तक बरामद कर सकी है और न ही उसके हाथ किजय तक पहुंचाने वाले कोई पुख्ता सुबूत ही लगे हैं। पीड़ित पिता केसर सिंह का आरोप है कि पुलिस बेटे को ढूंढने में सहयोग नहीं कर रही है। उनका कहना है कि यदि यही मामला हाईप्रोफाइल होता तो शायद अब तक जाँच का निष्कर्ष निकल चुका होता।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गोसाईगंज पुलिस ने किजय के लापता होने के बाद उसके कई दोस्तो को हिरासत में लिया पूछताछ के दौरान नहर में स्कार्पियो धकेले जाने की बात सामने आयी लेकिन पुलिस ने उसे बरामद करने का कोई प्रयास नही किया। जिसके चलते 12 दिन बीत जाने के बाद किजय का कुछ पता नही चल सका। पीड़ित पिता केसर सिंह बताते हैं कि बेटे की तलाश को लेकर उच्चाधिकारियों तक गुहार लगाई गई है। लेकिन सब जगह से सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिल रहे हैं।

युवक की स्कार्पियों भी नहीं बरामद कर सकी पुलिस

उक्त मामले पर जब थानाध्यक्ष गोसाईगंज अजय प्रकाश त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि किजय की अंतिम लोकेशन अमरोहा के आसपास मिल थी। लेकिन सही लोकेशन पता नहीं लग रहा है। नहर का पानी बंद कराने के लिए शासन को पत्र लिखा जा चुका है। नहर बंद होने के बाद की पानी के अंदर खोजबीन की जा सकेगी। पानी का बहाव अधिक होने के कारण खोजबीन नही हो पा रही है।
उनका कहना है कि प्राथमिक जाँच के दौरान मामला कर्ज में दबे होने के कारण घर छोड़कर जाने का प्रतीत हो रहा है।

शासन व पुलिस की लापरवाही के चलते इंद्रा नहर में नही हो सकी खोजबीन

किजय की कॉल डिटेल में सामने आए कुछ नम्बरों से पता चल रहा है कि उसकी कार को गोसाईगंज स्थित इंद्रा नहर में डाल दिया गया था। जिसके बाद परिजनों से उसका सम्पर्क टूट गया। हालाँकि अभी तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुबूत नहीं लगे सके हैं और न ही वह कथित तौर पर नहर में गिरी कार को बरामद कर सकी है।

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