वैदिक शिक्षा बोर्ड पर मोदी सरकार ने लगाई मुहर,अगले शिक्षा सत्र से शुरू होगी पढ़ाई

बाबा रामदेवबाबा रामदेव
Loading...

नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के मुहर लगने के बाद देश का पहला वैदिक शिक्षा बोर्ड अब आकार ले चुका है। आगामी शिक्षा सत्र से यह बोर्ड देश भर में कार्य प्रारंभ कर देगा।

योग गुरु बाबा रामदेव वैदिक शिक्षा बोर्ड के आजीवन रहेंगे अध्यक्ष 

योग गुरु बाबा रामदेव वैदिक शिक्षा बोर्ड के आजीवन अध्यक्ष रहेंगे। बोर्ड के निदेशक मंडल का चयन पूरा हो चुका है। केंद्र सरकार ने बाबा रामदेव के वैदिक शिक्षा बोर्ड को इस वर्ष के आरंभ में अनुमति प्रदान की थी। यह बोर्ड सीबीएसई की तर्ज पर देश भर में शिक्षा संस्थानों को खुद से जोड़ेगा। बोर्ड का पाठ्यक्रम तैयार किया जा चुका है।

जम्मू-कश्मीर में सब सामान्य तो महबूबा मुफ्ती की बेटी नजरबंद क्यूं : चिदंबरम 

देश के अनेक शिक्षाविदों के साथ बैठक कर भारतीय वैदिक शिक्षा बोर्ड का ढांचा तैयार किया

बोर्ड से जुड़े विद्यालयों में प्राच्य और आधुनिक शिक्षा समान रूप से दी जाएगी। बाबा रामदेव पहले ही प्राचीन और अर्वाचीन शिक्षा पद्धति देने के लिए आठवीं कक्षा तक के लिए आचार्यकुलम की स्थापना कर चुके हैं। पहले योजना थी कि इसी आचार्यकुलम को बड़ी कक्षाओं तक आगे बढ़ाया जाएगा। बाद में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने देश के अनेक शिक्षाविदों के साथ बैठक कर भारतीय वैदिक शिक्षा बोर्ड का ढांचा तैयार किया।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी बीजेपी में शामिल, जौनपुर की सियासत गर्म 

वैदिक शिक्षा बोर्ड देश का एकमात्र ऐसा बोर्ड होगा, जो अपने से जुड़े विद्यालयों में वेदों की शिक्षा भी देगा

इस बोर्ड का मुख्यालय फिलहाल पतंजलि योगपीठ में चल रहा है। शीघ्र ही इस बोर्ड का कार्य संचालन देश की राजधानी दिल्ली से किया जाएगा। वैदिक शिक्षा बोर्ड देश का एकमात्र ऐसा बोर्ड होगा, जो अपने से जुड़े विद्यालयों में वेदों की शिक्षा भी देगा। इसके साथ ही धनुर विद्या जैसे अनेक प्राचीन अवमान बोर्ड के पाठ्यक्रम में शामिल किए गए हैं। इस समय सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित जितने भी पाठ्यक्रम मान्य हैं, वे सभी विषय वैदिक शिक्षा बोर्ड में समाहित कर लिए जाएंगे।

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि देश का पहला बोर्ड अब पूर्णरूप से कार्य करने के लिए  है तैयार

पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि देश का पहला बोर्ड अब पूर्णरूप से कार्य करने के लिए तैयार है। प्राचीन शिक्षा के जो विषय जोड़े जाएंगे, उनका पाठ्यक्रम बन चुका है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस बोर्ड की शिक्षा पद्धति से निकले छात्र विश्व स्तर की किसी भी शैक्षणिक प्रतियोगिता में भाग लेने के अधिकारी बनेंगे। वैदिक शिक्षा बोर्ड के छात्र इंटर के बाद जिस भी क्षेत्र में जाना चाहेंगे उन्हें प्रवेश हासिल होगा।

Loading...
loading...

You may also like

‘ममता बनर्जी का पीएम मोदी से मिलना उनकी हताशा’ – कैलाश विजयवर्गीय

Loading... 🔊 Listen This News नई दिल्ली। पश्चिम