कपड़े की दुकान से 13 हज़ार करोड़ की कम्पनी का मालिक बना ये भारतीय

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नई दिल्ली। भारत के बंटवारे के दौरान इंडोनेशिया चले गए एक शख्‍स का कारोबार आज दुनिया भर के 75 देशों में है और उसकी कंपनी की मार्केट वैल्‍यू 13320 करोड़ रुपये है। आपको बता दें कि, इस कारोबार की शुरुआत साल 1948 में कपड़े की दुकान से हुई थी। इस कंपनी का नाम तोलाराम ग्रुप है और इस कम्पनी के मालिक मोहन वासवानी हैं।ये भी पढ़ें:-  नीरव मोदी पर बड़ी कार्रवाई, ED ने जब्त की गयी 637 करोड़ की संपत्ति

ब्‍लूमबर्ग (Bloomberg) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इस कंपनी का नाम मोहन वासवानी के दादा तोलाराम के नाम पर रखा गया है। जब इस कारोबार की शुरुआत हुई थी उस दौरान वासवानी के पिता ने मोहन से कहा था कि एक वक़्त ऐसा आयेगा जब दुनियाभर के देशों में उनका काम होगा। तोलाराम ग्रुप का मुख्‍यालय सिंगापुर में है और यह कम्पनी 18 तरह का कारोबार करती है। इनमें इंडोनेशिया में बैंक, नाइजीरिया में बंदरगाह का निर्माण, एस्‍तोनिया में कागज बनाना और भारत में बिजली सप्‍लाई करना भी शामिल है।

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84 साल के वासवानी ने मीडिया को बताया कि उनकी कंपनी अफ्रीका में खाद्य निर्माण और वितरण का काम करती है और 75 से ज्‍यादा देशों में इसकी बिक्री होती है। अब बढ़ते जमाने के साथ डिजीटल दुनिया में भी कदम रखा जा रहा है। हाल ही में कंपनी ने तुनैकु के नाम से Online लोन का व्यापार भी शुरू किया है। मोहन वासवान ने ब्‍लूमबर्ग को बताया कि वह जोखिम उठाने से डरते नहीं हैं। जहां भी उन्‍हें मौका दिखता है वे जोखिम लेने को हमेशा तैयार रहते हैं।

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दरअसल, सिंधी वासवानी के पिता 1947 में भारत के बंटवारे के बाद इंडोनेशिया आ गए थे। यहां जावा द्वीप पर मलंग में उन्‍होंने एक छोटी दुकान खोली। 18वीं की शुरुआत से सिंधी लोग व्‍यापार के लिए इंडोनेशिया जाने लग गए थे। इसके बाद यह जगह उनका पसंदीदा कारोबारी ठिकाना बन गया।

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जब मोहन वासवानी महज 10 साल थे तभी से उन्होंने कपड़े की दुकान पर पिता का हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। 19 साल की उम्र में पूरा कामकाज उनके जिम्‍मे आ गया। उन्‍होंने काम को आगे बढ़ाया और अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशो में वितरण से लेकर निर्माण सरीखे क्षेत्रों में कदम रखा।

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