संसद मॉनसून सत्र की शुरुआत : सरकार के खिलाफ विपक्ष पेश करेगा अविश्वास प्रस्ताव

मॉनसून सत्र
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नई दिल्ली। बुधवार से शुरू हो रहे संसद मॉनसून सत्र हंगामेदार होने वाला है। जहां एक ओर केंद्र सरकार ने सदन सुचारू रूप से चलाने के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा है वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में लगी हुई है। मॉनसून सत्र के शुरुआत से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से शांति बनाए रखने की अपील की है। बता दें कि इस सत्र में महिला आरक्षण, तीन तलाक और निकाह हलाला जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच बहस होना तय है। साथ ही कांग्रेस ने कहा है कि वह दूसरे अन्य दलों के साथ मिलकर एक बार फिर से नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देगी।

मॉनसून सत्र में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करेगा विपक्ष

इस वर्ष के मॉनसून सत्र के शुरुआत में ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पास कराने के लिए सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में इस विधेयक पर कांग्रेस के समर्थन की बात कही है। वहीं, केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी राहुल को एक पत्र लिखकर तीन तलाक और निकाह हलाला विधेयक पास कराने के लिए मदद मांगी है। शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे के साथ हंसते हुए नजर आये। सत्ता और विपक्ष का यह रूप देख सभी दांग रह गये। ताजा मिल रही जानकारी के अनुसार कांग्रेस, TMC समेत अन्य पार्टियों ने प्रधानमंत्री के अनुरोध के बावजूद सत्र की शुरुआत हंगामे से की है।

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कांग्रेस संग अन्य पार्टियों की बैठक

मॉनसून सत्र के शुरुआत में ही विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद की अध्यक्षता में विपक्षी पार्टियों की बैठक हुई। इस बैठक के बाद गुलाम नबी आजाद ने मीडिया से कहा कि हम सभी चाहते हैं कि सदन शांति से चले। पिछले सत्र में सत्तारुढ़ गठबंधन के दलों ने सदन नहीं चलने दिया था। आजाद ने कहा कि विपक्षी दल सदन में लोगों से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। इसमें बेरोजगारी, मॉब लिंचिग, एमएसपी, SC/ST अत्याचार, उच्च शिक्षा और महंगाई शामिल होंगी। हम चाहते हैं कि इन मुद्दों पर सदन में चर्चा हो। यदि इन मुद्दों पर कोई गतिरोध हुआ या सरकार ने सदन नहीं चलते दिया। तो इसके लिए केंद्र सरकार ही जिम्मेदारी होगी।

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