बलात्कार के बाद नाबालिग लड़की बनी मां, इंसाफ के लिए दर-दर भटकने को मजबूर

बलात्कार
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लखनऊ। बहराइच जिले की एक नाबालिग लड़की का एक दबंग ने बलात्कार किया। जिसके बाद नाबालिग लड़की मां बन गई। उसके  मां बने अब डेढ़ साल बीत चुका है, लेकिन वह अभी तक न्याय के लिए दर-दर की ठोंकरें खाने को मजबूर है।

अभियुक्त ने चाकू की नोंक पर भरोसे का किया बलात्कार

बतातें चलें कि पीड़िता के पिता ने गांव के एक जिस व्यक्ति पर भरोसा कर लखनऊ भेजा था। अभियुक्त ने लड़की के पिता से कहा कि लखनऊ में ग़रीब लड़कियों की शादी के लिए सरकार से पैसा मिल जाता है। इसलिए बेटी को उसके साथ भेज दें, ताकि उसे आर्थिक मदद मिल जाए। पीड़िता के पिता ने बताया कि मदद तो दूर की बात उसने मेरी बेटी को लखनऊ ले जाकर चाकू की नोंक  पर उसका बलात्कार किया। यहां  तक की घर वापस आते हुए फिर से उसके साथ नानपारा (बहराइच का क़स्बा) में फिर से बलात्कार किया।

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पीड़िता के पिता ने पुलिस थाने में 24 जून 2016 को अभियुक्त के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया

पीड़िता ने घर वापस आकर डर के मारे किसी से कुछ नहीं बताया । इस बात का खुलासा जून 2016 में जब उस बच्ची का पेट दिखने लगा। तब आस-पड़ोस की औरतों ने पूछा कि आख़िर ये कैसे हुआ? तब पता चला कि उसके पेट में पल रहा बच्चा बलात्कार का नतीजा है। जब छह महीने बाद जब कहानी पता चली तो उसके पिता ने पास के पुलिस थाने में 24 जून 2016 को अभियुक्त के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया।आरोपी  गांव के ही एक 55 साल के व्यक्ति है, जिस पर भरोसा कर उसके पिता ने उसे लखनऊ भेजा था।

दो साल बाद भी इस केस में न कोई गिरफ़्तारी हुई, न लड़की को मुआवज़े के तौर पर कोई आर्थिक मदद

लड़की व उसके पिता दोनों अनपढ़ हैं। लड़की की मां कई साल पहले चल बसी थीं। दोनों एक कच्चे घर में रहते हैं। ग़रीबी रेखा से नीचे ज़िंदग़ी गुज़र करने वाले इस परिवार की एकमात्र पहचान अनुसूचित जाति की है। पिता ने बड़ी बहन की शादी तो जैसे-तैसे कर दी थी, लेकिन अब उसकी शादी पिता के लिए चिंता बनती जा रही थी। क़ानून के मुताबिक अगर कोई अनुसूचित जाति के व्यक्ति के ख़िलाफ़ अपराध करता है तो उसे अग्रिम ज़मानत नहीं मिल सकती। उसकी गिरफ़्तारी के बाद उसे ज़मानत देना देना कोर्ट पर निर्भर करता है, लेकिन दो साल बाद भी इस केस में न कोई गिरफ़्तारी हुई, न लड़की को मुआवज़े के तौर पर कोई आर्थिक मदद दी गई।

पुलिस का कहना है कि आज भी उसे डीएनए रिपोर्ट का है इंतज़ार

इस बीच लड़की ने बच्चे को भी जन्म दे दिया। जिस परिवार की अपनी ज़िंदग़ी मुश्किलों में गुज़र रही थी उसे अब एक बच्चे को भी पालना था। अब मामला इस बात पर आकर टिका कि यदि बच्चे का डीएनए अभियुक्त के डीएनए से मेल खा जाता है तो उस पर कार्रवाई होगी। पुलिस का कहना है कि आज भी उसे डीएनए रिपोर्ट का इंतज़ार है।

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