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मां वैक्सीनेशन ड्यूटी पर थी, घर में उजड़ गई उसकी कोख

Five people burnt alive in a fire at a furniture shop

Five people burnt alive in a fire at a furniture shop

राजस्थान के जालोर जिले के सायला क्षेत्र के बावतरा गांव में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नगमा का धोरा की एक आगनबाड़ी कार्यकर्ता कोरोना वैक्सीनेशन में ड्यूटी दे रही थी। इसी दौरान घर पर उसका डेढ़ वर्षीय बेटा जिंदा जल गया। झोंपड़े में लगी आग के कारण प्रिंस नाम का बच्चा जिंदा जल गया।

घटना में महिला का बड़ा बेटा बाल-बाल बच गया। वहीं बच्चों के बचाने के प्रयास में उसका पिता भी आग से झुलस गया। दर्दनाक हादसे में मासूम की ज़िंदा जलने से मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस सहित तमाम अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे और मौके का जायजा लिया।

बता दें कि घटना के दौरान बच्चे का पिता अखाराम खेत में काम कर रहा था. आग लगती देख अखाराम दौड़कर पहुंचे। तब तक डेढ़ साल के प्रिंस की बुरी तरह से झुलसने से मौत हो चुकी थी। बचाने के लिए आग में गया पिता भी भी झुलस गया। आग से घर का सारा सामान व एक बाइक जल गई।

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बताया जा रहा है कि मासूमों की मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होने के कारण कोरोना वैक्सीनेशन महाअभियान के तहत बावतरा गांव में ड्यूटी दे रही थी। सायला में बीते शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलने पर जालोर के पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल सहित पुलिस के बड़े अधिकारीयों ने मौके पर जाकर के घटना का जायजा लिया।

बताया जा रहा है कि पुलिस ने आगजनी की घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल आग लगने का स्पष्ट कारण पुलिस को नहीं पता चला है। आशंका जताई जा रही है कि घर के चूल्हे में बची चिंगारी से आग लगी होगी। या फिर किसी शरारती तत्व की हरकत आगजनी में हो सकती है। फिलहाल पुलिस हर पहलु पर जांच कर रही है। घटना के बाद से क्षेत्र में मातम का माहौल है। जल्द ही आगजनी के कारणों का खुलासा हो सकता है।

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