मुस्लिम महिलाओं ने सुनाई आपबीती, कहा हज़ पर जाने के समय होता है यौनशोषण

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नईदिल्ली। सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान #MosqueMeToo चल रहा है जो हज पर जाने वाली मुस्लिम महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है। यह अभियान भी #MeToo अभियान के तरह यौनशोषण के खिलाफ चल रहा है। जिसपर सभी महिलायें अपने यौनशोषण से जुड़े अनुभवों को जाहिर कर रहीं हैं। इस कैम्पेन की शुरुआत मोना एल्ताह्वी ने अपने हज़ यात्रा के समय हुए यौन उत्पीड़न को उजागर करके किया।

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मुस्लिम महिलाओं ने सुनाई आपबीती

मोना द्वारा चलाये इस अभियान में कई सारी महिलाओं ने अपने यौन उत्पीड़न को शेयर किया। जिसमे कुछ ने यह तक बताया कि उनके साथ बलात्कार जैसे व्यवहार भी किये जा चुके हैं। मोना ने एक अंग्रेजी वेबसाइट से बात करते हुए बताया कि उनके कहानी को पढने के बाद 24 घंटे में 2000 ट्विट आ चुके हैं। जिसमें मुस्लिम युवतियों ने अपने माँ के साथ गये हज यात्रा के दौरान हुए यौन शोषण को बताया है।

ट्विट पर शेयर किया यौन उत्पीड़न

मोना ने बताया कि कुछ महिलाओं ने अपने यौन उत्पीड़न को बताते हुए रास्ते में हुए हादसों को विस्तृत में बताया। ट्विटर पर अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा कि भीड़ में उन्हें गलत तरीके से छुआ गया। साथ ही उन्हें गलत जगहों पर पकड़ा भी गया। एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि जब मैं 10 साल की थी, तब मुझे किसी ने पीछे से कस के दबोचा था। वहीँ एक यूजर एंगी लिगोरियों ने ट्विटर पर लिखा है कि मक्का पर जाते समय मेरे साथ हुए हादसे फिर से ताजा हो गये हैं। लोगों को लगता है कि मक्का एक पवित्र जगह है यहाँ सब अच्छा होता होगा। लेकिन ऐसा बिलकुल नहीं है। वहां हर साल करीब 20 लाख लोग आते हैं और भीड़ में सब तरह की घटना होती है।

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