• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

नागरी लिपि परिषद ने नई शिक्षा नीति 2०2० का किया समर्थन, लागू करने का दायित्व सरकार का

Desk by Desk
01/08/2020
in ख़ास खबर, राष्ट्रीय, शिक्षा
0
नई शिक्षा नीति

नई शिक्षा नीति

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| नागरी लिपि परिषद ने नई शिक्षा नीति 2०2० का समर्थन करते हुए शनिवार को कहा कि इसे लागू करने का दायित्व राज्य सरकारों और सामाजिक संगठनों का है।

परिषद के महासचिव डॉक्टर हरिसिंह पाल ने यहां एक बयान में कहा कि नागरी लिपि परिषद समग्रता में सिद्धांतत: सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 का भरपूर स्वागत और समर्थन करती है। वस्तुत: शिक्षा संविधान की समवतीर् सूची में शामिल है। भाषा और लिपि राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हैं। केंद्र सरकार शिक्षा नीति तो बना सकती हैं लेकिन उनके कायार्न्वयन का दायित्व राज्य सरकारों पर है।

8 फीट लंबा और 160 किलो वजन वाला ‘आदमकद’ बकरा, कीमत सुनकर रह जाएंगे दंग

उन्होंने कहा कि  यदि यह शिक्षा नीति शत-प्रतिशत रूप में लागू की जाती है तो निश्चय ही क्रांतिकारी परिवर्तन संभव हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को लागू करने में समाज और सामाजिक संगठनों का भी व्यापक दायित्व है. उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों से नई शिक्षा नीति को सही अथोर्ं में ग्रहण करने और इसे लागू करने का आह्वान किया।

डॉक्टर पाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति के विषय में जिन विद्वानों ने आपत्तियां और चिंताएं व्यक्त की है उन पर सरकार को सकारात्मकता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैसे भी हमारे विविधताओं से भरपूर राष्ट्र में किसी एक विचार पर सवार्नुमति संभव नहीं है। यही हमारे लोकतंत्र की खूबी है कि हम  विभिन्न माध्यमों से अपने अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा  कि फिर भी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता के स्थान पर भारतीय भाषाओं को मान्यता देने की अपेक्षा की ही जा सकती है।

Tags: Nagari Script Councilnew education policynew education policy 2020नई शिक्षा नीतिनई शिक्षा नीति 2020नागरी लिपि परिषद
Previous Post

आंध्र प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता व पूर्व मंत्री की कोरोना वायरस से मौत

Next Post

कोरोना काल में त्योहारो के मौके पर पायी जा रही दूध, खोये में मिलावट

Desk

Desk

Related Posts

Anand Bardhan
उत्तराखंड

मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण और पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

07/07/2026
Harman
पंजाब

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमन दरबार साहिब में हुए नतमस्तक

07/07/2026
Under the Mukhyamantri Vatsalya Scheme, Rs 4.39 crore has been released through DBT.
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4.39 करोड़ रुपये डीबीटी से जारी

07/07/2026
Delhi Rain
Main Slider

काले बादलों से घिरी दिल्ली, कई इलाकों में बारिश शुरू

07/07/2026
Ahmedabad Serial Blast Case
Main Slider

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: 38 आतंकियों को राहत नहीं, फांसी की सजा बरकरार

07/07/2026
Next Post

कोरोना काल में त्योहारो के मौके पर पायी जा रही दूध, खोये में मिलावट

यह भी पढ़ें

KKR

IPL 2022: शिखर के नाबाद 88 रनों से पंजाब ने चेन्नई को हराया

25/04/2022
arrested

चोरी की बैट्री व कार के साथ चार शातिर चोर गिरफ्तार

15/03/2022
kohli

क्या विराट कोहली तोड़ पाएंगे सचिन का रिकॉर्ड? इतने शतक लगाते ही रच देंगे इतिहास

25/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version