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नहीं रहे नाना पाटेकर, 75 की उम्र में निधन; गोवा के घर में मिले थे अचेत

हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर वह अचेत अवस्था में मिले, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल में सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर को गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें सीपीआर देकर बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उनके अचानक निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर है।

राजनीति से हमेशा बनाए रखी दूरी

नाना पाटेकर अपने बेबाक अंदाज और स्पष्ट विचारों के लिए भी पहचाने जाते थे। अभिनय के अलावा सामाजिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता अक्सर चर्चा में रहती थी। हालांकि उन्होंने कभी सक्रिय राजनीति का हिस्सा बनने का फैसला नहीं किया।

नाना पाटेकर का मानना था कि राजनीति उनके स्वभाव के अनुकूल नहीं है। वह कई मौकों पर यह स्पष्ट कर चुके थे कि वह राजनीति में जाकर किसी दूसरे व्यक्ति की गलतियों या फैसलों की जिम्मेदारी अपने ऊपर नहीं लेना चाहते। इसी वजह से उन्होंने फिल्मी दुनिया में रहते हुए भी राजनीतिक करियर बनाने से दूरी बनाए रखी।

किसानों की मदद के लिए ठुकरा दी थी महंगी कार

नाना पाटेकर केवल फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। किसानों और उनके परिवारों की मदद से जुड़ा उनका एक किस्सा आज फिर चर्चा में है।

रिपोर्टों के मुताबिक, एक समय उन्हें करीब 1.5 करोड़ रुपये की लग्जरी कार लेने का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने के बजाय किसानों के परिवारों की सहायता को प्राथमिकता दी। किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उनके काम की कई बार सराहना भी हुई।

नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। अपनी दमदार अदाकारी, प्रभावशाली संवाद अदायगी और सामाजिक सरोकारों के चलते वह दर्शकों के बीच हमेशा एक अलग पहचान बनाए रखेंगे।

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