खाद्यान उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रयास करने की आवश्यकता: प्रो. अखिलेश त्यागी

प्रो. अखिलेश त्यागी
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लखनऊ। सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान में ‘समर प्लांट साइंस फेस्ट -2018’ मनाया गया। यह समारोह वैज्ञानिक एवं अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), नई दिल्ली द्वारा लखनऊ में सिकंदरबाग स्थित ‘राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान’ को अपनी छठी राष्ट्रीय प्रयोगशाला के रूप में अपनाने की याद में आयोजित किया गया। इस अवसर पर ‘राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली, के पूर्व निदेशक प्रो. अखिलेश त्यागी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

भारत की लगातार बढ़ती आबादी के चलते खाद्यान की निरंतर बढ़ रही है मांग

मुख्य अतिथि प्रो. अखिलेश त्यागी ने ‘माइलस्टोन फ्राम प्लांट साइंस टू एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलोजी इन इंडिया’ विषय पर आधारित अपने व्याख्यान में भारत में वनस्पति विज्ञान विशेषकर कृषि विज्ञान के इतिहास की चर्चा की। उन्होने बताया कि भारत की लगातार बढ़ती हुई आबादी के चलते खाद्यान की मांग निरंतर बढ़ रही है जिसे पूरा करने के लिए हमें लगातार खाद्यान उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है। प्रो. अखिलेश त्यागी ने कहा कि यूं तो देश ने इस दिशा में काफी प्रगति की है किन्तु भविष्य में खाद्य सुरक्षा की बड़ी चुनौतियों को देखते हुए इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होने इस संबंध में विगत कुछ वर्षों में की गई महत्वपूर्ण खोजों के विषय में चर्चा की जिनमें से कुछ खोजें सीएसआईआर-एनबीआरआई की भी शामिल हैं।

संस्थान के निदेशक प्रो. एस के बारिक ने कार्यक्रम की परिकल्पना एवं उद्देश्य की दी जानकारी

कार्यक्रम की शुरुआत में संस्थान के निदेशक प्रो. एस के बारिक ने कार्यक्रम की परिकल्पना एवं उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के द्वारा न सिर्फ हम अपने गौरवशाली इतिहास का स्मरण करते हैं। बल्कि साथ ही ऐसे कार्यक्रम युवा शोधार्थियों को अपने कार्य को प्रदर्शित करने एवं अनुभव प्राप्त करने के लिए एक उपयुक्त मौक़ा भी उपलब्ध कराते हैं। जिसका लाभ उठाकर युवा शोधार्थी एवं वैज्ञानिक संस्थान को नवीन ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।

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सेमिनार में चुनिन्दा शोधार्थियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए

इस अवसर पर संस्थान के इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए वैज्ञानिकों क्रमशः डॉ. डीके उप्रेती, डॉ. एकेएस रावत, डॉ.आरके रॉय एवं डॉ. तारिक हुसैन को सम्मानित भी किया गया। इन वैज्ञानिकों ने अपने-अपने क्षेत्र में अपने कार्यकाल की अवधि में हासिल की गई अपनी उपलब्धियों से उपस्थित लोगों विशेषकर शोधार्थियों का परिचय कराया एवं जीवन में सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत एवं ईमानदारी से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।  इसके साथ ही शोधार्थियों का एक सेमिनार भी आयोजित किया गया जिसमें चुनिन्दा शोधार्थियों द्वारा अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम के अंतर्गत संस्थान के वार्षिक पुरस्कार भी वितरित किए गए जिनके अंतर्गत संस्थान के वैज्ञानिकों को उनके उल्लेखनीय कार्य हेतु ‘संस्थान का सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र’, ‘विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र’, ‘सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी/उत्पाद’ एवं ‘सर्वश्रेष्ठ आउटरीच एक्टिविटी’ के पुरस्कार दिये गए।    कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी ए शिर्के ने धन्यवाद दिया।

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