Negligence : बैंक अकाउंट डेटा अपडेट न होने से ठंड में ठिठुर सकते हैं बच्चे

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नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों में 8वीं  तक के विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म खरीद की राशि सीधे बैंक अकाउंट ट्रांसफर की ओर से दी जाती है, लेकिन 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों का बैंक अकाउंट डेटा अपडेट ही नहीं है। ऐसे में  नौनिहालों को सर्दी में ठिठुरना पड़ सकता है।

सीधे बैंक से ट्रांसफर की जाती है धनराशि

सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा पहली से 5वीं तक के विद्यार्थियों को सीधे बैंक ट्रांसफर से 800 रुपये की राशि दी जाती है। जिले के ज्यादातर प्राइमरी स्कूलों के डेटा ही पेंडिंग पड़ा है। जिले के दोनों खंड में से फरीदाबाद में 178 राजकीय व 443 निजी स्कूल हैं। बल्लभगढ़ खंड के 202 राजकीय व 646 निजी स्कूल हैं। इसमें से सरकारी स्कूलों के प्राइमरी विंग में 71 हजार के करीब विदयार्थी हैं।

71 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शशि अहलवात ने बताया कि सरकारी स्तर पर प्राइमरी स्कूलों में कुल 71 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। करीब 51 हजार का बैंक डाटा अपडेट कर दिया गया है। 20 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को डाटा अपडेट करने का काम चल रहा है। सरकारी स्कूल अध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द विद्यार्थियों का डाटा भी अपडेट कर दें।

5वीं तक के छात्रों को हो सकती है परेशानी

नौनिहालों को डायरेक्ट बैंक अकाउंट ट्रांसफर के जरिए एक हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की जाती है। हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान चतर सिंह ने बताया कि 5वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों को कम परेशानी है। ज्यादा परेशानी 5वीं तक के विद्यार्थियों को है। इन विद्यार्थियों को ज्यादा परेशानी है।

रिहायशी प्रमाण पत्र न होने से हो रही परेशानी

हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान चतर सिंह ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए सबसे अधिक परेशानी आधार कार्ड फिंगर प्रिंट न आने से परेशानी है। उन्होंने बताया कि प्रवासी मजदूरों के नौनिहालों के आधार कार्ड दूसरे राज्यों के हैं। ऐसे में बैंक रिहाशी प्रमाण न होने के कारण इन बच्चों के खाते खोलने में काफी परेशानी करते हैं।

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