हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का त्वरित, संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड समेत विभिन्न समस्याएं रखीं। कुल 44 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें 26 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतें संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजी गईं।
औरंगाबाद निवासी योगेंद्र कुमार ने खेत के सामने सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था की मांग की। सुमन नगर निवासी कमलेश उप्रेती ने बारिश के कारण घर के आसपास हुए जलभराव की समस्या उठाते हुए जल निकासी की मांग की।
औरंगाबाद निवासी प्रमोद कुमार ने मकान निर्माण में पड़ोसियों द्वारा बाधा डालने की शिकायत की। नारसन-रुड़की के हरचंदपुर निवासी ओमकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्थापित 25 किलोवॉट के सौर ऊर्जा संयंत्र के ऋण और ब्याज की माफी का अनुरोध किया।
रावली महदूद के ब्रह्मपुरी गांव निवासी कमलेश ने मंदिर से करीब 100 फीट की दूरी पर संचालित शराब की दुकान को बंद कराने की मांग की। वहीं, पुरनपुर साल्हापुर निवासी बबिता ने 27 अगस्त को हुई भारी बारिश से मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी देते हुए स्थलीय निरीक्षण और आर्थिक सहायता की मांग की।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को शीर्ष प्राथमिकता के साथ लिया जाए। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी सख्ती
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में सामने आया कि एल-1 स्तर पर 413 और एल-2 स्तर पर 120 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं। अधिकारियों को इनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
