सिद्धार्थनगर। जिला अस्पता से संबद्ध मेडिकल कालेज सिद्धार्थ नगर में डाक्टरों के अस्पताल में समय से न बैठने के मामले को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने शुक्रवार को विधान सभा में उठाया। जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व विधान सभा अध्यक्ष/नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने विधान सभा में प्रमुखता के साथ उठाते हुए कहा कि 7 फरवरी को अपने सिर दर्द का इलाज कराने के लिए जब माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज पहुंचे, तो डाक्टर अपने कक्ष से गायब मिले। काफी देर तक जब इंतजार करने के बाद जब डाक्टर नहीं आए तो उन्होंने मेडिकल कालेज के प्राचार्य को फोन किया तो उनका भी फोन नहीं उठा। कहा कि मेडिकल कालेज में अपने कक्ष से डॉक्टर के गायब होने व मेडिकल कालेज के प्राचार्य के फोन न उठाने के मामले को जब जिलाधिकारी राजा गणपति आर को अवगत कराया तो मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने नेता प्रतिपक्ष को फोन कर यह बताया कि डाक्टर बाथरूम में गए थे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अधिकाश डॉक्टर 12 बजे के बाद अस्पताल से गायब हो जाते है, प्राइवेट क्लिनिक पर जाकर प्रैक्टिक्स करते है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज के प्राचार्य गुजरात से आए है, उन्हें सिर्फ खरीददारी और कमीशन खोरी से मतलब है, जनता के दुख दर्द से उन्हें कोई लेना देना नहीं है, अस्पताल में बेहोशी के डॉक्टर नहीं है, जिससे आपरेशन नहीं हो पा रहा है, गरीब जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर बेहोशी स्थाई डाक्टर नहीं मिल पा रहे है तो संविदा पर ही बेहोशी के डॉक्टर को रखा जाय, जिससे अस्पताल में आपरेशन शुरू हो और जनता को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।