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‘यश भारती पुरस्कार’ नहीं, अब योगी सरकार देगी ‘राज्य संस्कृति पुरस्कार’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब प्रतिष्ठित यश भारती पुरस्कारों की जगह राज्य संस्कृति पुरस्कार देने की तैयारी में है। योगी सरकार  ने मुलायम सिंह यादव की सरकार में शुरू हुए यश भारती पुरस्कार को खत्म करने का विचार कर रही है। पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी की अध्यक्षता मे विभाग हुई चर्चा के बाद नए नाम से पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया गया है। अब ये पुरस्कार प्रदेश की महान विभूतियों के नाम पर दिये जायेंगे।

इन पुरस्कारों मे शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, आधुनिक और परंमपरागत कला रामलीला, लोक बोलियां, लोक गायन, लेक नृत्य, नौटंकी, मूर्तिकला आदि को शामिल किया जायेगा। जिसमे से एक पुरस्कार भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर और बाकी 23 अन्य बड़ी शख्सियतों के नाम पर दिए जाएंगे। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर दिये जानेवाले पुरस्कार मे 6 लाख रुपये नगद और बाकी मे दो लाख रूपये दिये जाने का प्रस्ताव है। पहले के यश भारती पुरस्कार मे शामिल फिल्म, आकाशवाणी, निर्देशन, साहित्य, विज्ञान, खेल आदि विधाओं को बाहर किया जा सकता है। यानि कि इस क्षेत्र के लोगों को अब राज्य संस्कृति पुरस्कार नहीं मिलगा।

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