Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

रामपुर तिराहा कांड में 22 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी

Man places foetus on judge's dais in Jabalpur court

Man places foetus on judge's dais in Jabalpur court

मुजफ्फरनगर। जनपद के छपार थाना क्षेत्र में दो अक्टूबर 1994 को हुए रामपुर तिराहा कांड (Rampur Tiraha Case) में अदालत ने 22 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग और महिलाओं पर अत्याचार के मामले में ये वारंट जारी किए गए।

दो अक्टूबर 1994 में मुजफ््फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में रामपुर तिराहे पर पृथक उत्तराखंड की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग की गई थी। यह मामला एडीजे-7 शक्ति सिंह की कोर्ट में चल रहा है। अदालत ने कोर्ट में पेश नहीं होने पर 22 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करके उन्हें तीन मार्च को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। इससे पहले आरोपितों के वकील द्वारा दी गई हाजिरी माफी भी रद्द कर दी गई है।

गौरतलब है कि रामपुर तिराहा कांड (Rampur Tiraha Case) में महिलाओं के साथ बलात्कार व महिलाओं पर अत्याचार आदि आरोपों में सीबीआई ने कई पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मामला दर्ज करके आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। पुलिस की फायरिंग में सात लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। इस कांड के चार मामले लंबित है।

एडीजीसी परमेन्द्र कुमार ने बताया कि आरोपितों के विशेष अदालत में उपस्थित न होने पर सभी 22 आरोपितों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। बताया गया है कि मामला बहुत पुराना होने के कारण अधिकांश पुलिसकर्मी रिटायर्ड हो चुके हैं। कोर्ट में राधा मोहन द्विवेदी, कृपाल सिंह, महेश चंद्र शर्मा, नेत्रपाल सिंह, सुमेर सिंह, देवेंद्र सिंह, सतीश चंद्र शर्मा, तमकीम अहमद, मिलाप सिंह, सुरेंद्र सिंह, ब्रजेश कुमार, कुंवरपाल सिंह, प्रबल प्रकाश, राकेश कुमार मिश्रा, वीरेंद्र कुमार, संजीव कुमार भारद्वाज, राकेश कुमार सिंह, कुशलपाल सिंह, राजपाल सिंह, वीरेंद्र प्रताप, विजय पाल सिंह और नरेश कुमार त्यागी की ओर से अधिवक्ता ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।

जेल में हुई दोस्ती बदली रिश्तेदारी में, पैरोल पर बाहर आकर करवाई बच्चों की शादी

बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त सरकारी सेवा में हैं इसलिए उपस्थिति नहीं हो पाए हैं। अदालत ने तर्क को मिथ्या मानते हुए खारिज कर दिया और गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। एडीजीसी परमेंद्र ने बताया रामपुर तिराहा कांड (Rampur Tiraha Case) से संबंधित सेशन कोर्ट के मुकदमे की सीबीआई से संबंधित गंभीर धाराओं के मुकदमों की सुनवाई के लिए एडीजे-7 कोर्ट के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।

Exit mobile version