मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) ने कहा कि राजस्थान में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए राज्य सरकार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि पानी, बिजली, सड़क सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेशकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान फाउंडेशन के आठ चैप्टर्स के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार उद्योग एवं निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रवासी राजस्थानियों से बदलते राजस्थान में ज्यादा से ज्यादा निवेश करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रवासी राजस्थानी प्रदेश की मिट्टी की खुशबू पूरी दुनिया में फैला रहे हैं और अपनी संस्कृति, परंपरा एवं ऐतिहासिक गौरव को भी प्रतिष्ठित कर रहे हैं। प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम और योगदान की भावना को ‘कर्मभूमि से मातृभूमि’ अभियान में दिखाया है और पूरे उत्साह, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी भागीदारी भी निभाई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विकास भी, विरासत भी के मूल मंत्र के अनुरूप हमारी सरकार ने शेखावाटी की 662 ऐतिहासिक हवेलियों को संरक्षण के लिए भी चिन्हित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन प्रवासी राजस्थानियों को प्रदेश से जोड़ने और उनके साथ निरंतर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर्स की बैठकें समय-समय पर आयोजित की जाएं, ताकि प्रवासी राजस्थानियों के सुझावों एवं अनुभवों का लाभ राज्य को मिल सके। साथ ही, राजस्थान फाउंडेशन के युवा एवं महिला विंग का शीघ्र संचालन भी सुनिश्चित हो।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान फाउंडेशन के देश-विदेश में कुल 40 चैप्टर्स हैं। इनमें से प्रथम चरण में आठ चैप्टर्स अहमदाबाद, दिल्ली, दोहा, पुणे, सूरत, म्यूनिक, कुवैत और मस्कट के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री ने वीसी के माध्यम से संवाद किया। मुख्यमंत्री द्वारा प्रत्येक माह सभी चैप्टर्स से निवेश संबंधी प्रयासों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट ली जाती है। बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
