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अक्सर महिलाएं करती है ये गलतियाँ, शृंगार में बरतें सावधानी

लाइफ़स्टाइल। मेकअप महिलाओं की पक्की सहेली होती है, इसलिए कि वह हर पल उनके साथ रहती है। महिलाओं को सजना-संवरना बहुत पसंद होता है, इसलिए कुछ महिलाएं राशन के सामान की तरह हर महीने सस्ते-महंगे ढेरों सौंदर्य प्रसाधन खरीद लाती हैं। मगर इनका रखरखाव ठीक से नहीं कर पातीं और तब ये यों ही बेकार हो जाते हैं। वहीं कुछ महिलाएं मेकअप का इस कदर इस्तेमाल करती हैं कि उम्र से पहले बूढ़ी दिखने लगती हैं या फिर किसी त्वचा संक्रमण का शिकार हो जाती हैं।

दरअसल, सौंदर्य प्रसाधनों के रखरखाव का एक तरीका होता है और उसके इस्तेमाल की भी एक समय-सीमा होती है। वहीं त्वचा रोग विशेषज्ञ चेहरे पर हर समय मेकअप चढ़ा कर रखने को त्वचा के लिए ठीक नहीं मानते हैं।

हर वक्त मेकअप न लगाएं

त्वचा रोग विशेषज्ञ दीपाली भारद्वाज का कहना है कि अगर आप किसी सौंदर्य प्रसाधन का इस्तेमाल करती हैं, तो उसे चौबीस घंटे लगा कर न रखें। सुबह नौ बजे से रात के आठ बजे तक किसी सौंदर्य प्रसाधन को लगा कर रखना ठीक नहीं है। दिन के समय भी त्वचा का सांस लेना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि दिन में कम से दो बार चेहरे पर पानी के छींटे जरूर मारें। दीपाली कहती हैं चाहे आप कितनी भी क्यों न थक हों रात में सोने से पहले मेकअप उतार कर, नाईट क्रीम लगा कर ही सोएं। मेकअप हमारी त्वचा के रोमछिद्र बंद कर देता है, जिसके कारण चेहरे पर पिंपल, धब्बे और झाइयां होने लगती हैं। इतना ही नहीं, लंबे समय तक ऐसा करने से त्वचा में ढीलापन आने लगता है और आप अपनी उम्र से ज्यादा बड़ी दिखने लगती हैं।

गुणवत्ता का रखें ध्यान

देखा जाए तो हरेक सौंदर्य प्रसाधन से कोई न कोई साइड इफेक्ट होता है। जैसे लिपस्टिक में जिंक और मिनरल पाए जाते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए सौंदर्य प्रसाधनों के ब्रांड को बदल-बदल कर इस्तेमाल करना चाहिए। ब्रांड बदलने के साथ हमेशा अच्छे ब्रांड के सौंदर्य प्रसाधनों का ही इस्तेमाल करें। खासकर किसी लैब सर्टिफाइड क्रीम या लिपस्टिक, काजल या दूसरे सौंदर्य प्रसाधन ही खरीदें। किसी नए या सस्ते ब्रांड या ब्यूटीशियन या किसी अन्य के द्वारा बताई गई क्रीम या सौंदर्य प्रसाधन का इस्तेमाल बिना सोचे-समझे न करें।

मेकअप को भी दें छुट्टी

डॉक्टर दीपाली भारद्वाज कहती हैं कि मेकअप पसंद है, यह तो ठीक है, लेकिन मेकअप करते समय एक-दो दिन का अंतर रखना बहुत जरूरी है। अगर आप पूरे हफ्ते नेलपॉलिश या लिपस्टिक लगाने की शौकीन हैं, तो ऐसा करना नुकसानदेह हो सकता है। हफ्ते में कम से कम दो दिन लिपस्टिक या नेलपॉलिश का प्रयोग न करें, ताकि नाखूनों और होठों की नर्म त्वचा भी सांस ले सके।

मेकअप हटाना है जरूरी

डॉक्टर दीपाली कहती हैं कि आंखों और होठों के मेकअप को हटाने के लिए बेबी आॅयल सबसे अच्छा रहता है। अगर आपकी त्वचा रूखी है और आपकी मेच्योर स्कीन है तो मेकअप हटाने के लिए दही या दूध का इस्तेमाल करें। इसके अलावा नारियल का तेल, एप्रिकोट आॅयल, जैतून के तेल से भी मेकअप हटा सकती हैं। अगर आपकी त्वचा तैलीय है, तो मेकअप हटाने के लिए चंदन के पाउडर को पानी के साथ मिला कर चेहरे पर लगाएं। दो मिनट तक रुकें, फिर रूई से हल्के हाथों से उसे घिसते हुए हटाएं और अंत में पानी से धो लें।

चोट पर मेकअप लगाना ठीक नहीं

चेहरे पर जख्म, कटने-फटने या फिर पिंपल होने पर मेकअप का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कारण कि मेकअप में मौजूद विषयुक्त रसायन से त्वचा में एलर्जी हो सकती है, चेहरा लाल या फिर दाने हो सकते हैं। यही नहीं, विषाक्त रसायन खून से मिल कर कैंसर का रूप भी धारण कर सकता है।

हार्मोन पर बुरा असर

सौंदर्य प्रसाधन महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि यह महिलाओं को बीमार भी करता है। दो साल पहले हुए एक अध्ययन के मुताबिक सौंदर्य प्रसाधनों में मौजूद रसायन महिलाओं के प्रजनन हार्मोन पर बुरा असर डालते हैं। अध्ययन में कहा गया कि सौंदर्य प्रसाधन में कुछ रसायन महिलाओं के प्रजनन हार्मोन के स्तर को बढ़ा देते हैं तो कुछ घटा देते हैं। रिपोर्ट की मानें तो पैराबेन रसायन महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ा देता है। हालांकि यह पहला ऐसा अध्ययन है, जिसमें स्वस्थ महिलाओं के हार्मोन्स पर सौंदर्य प्रसाधन के इस्तेमाल से पड़ने वाले बुरे प्रभावों की जांच की गई थी।

मियाद का रखें ध्यान

अक्सर महिलाएं अपनी पसंदीदा लिपस्टिक या मस्कारा का सालों साल इस्तेमाल करती हैं, यह बिना देखे कि उसकी मियाद पूरी यानी डेट एक्सपायर हो गई है। ऐसा करना ठीक नहीं है, क्योंकि हरेक समान का एक निश्चित जीवनकाल होता है। उस निश्चित जीवनकाल के बाद उत्पाद का इस्तेमाल करने से त्वचा में संक्रमण हो सकता है। ऐसे में समय-समय पर इस्तेमाल करने वाले उत्पादों के एक्सपायरी डेट की जांच करते रहे। वहीं कई बार ऐसा भी होता है कि कंपनी द्वारा दिए गए निर्देश में उस उत्पाद की एक्सपायरी डेट नहीं दी गई है और उत्पाद का रंग या महक बदल गया हो, तो भी उत्पाद का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। साथ ही सौंदर्य प्रसाधनों को खरीदते समय उसकी मेन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट जरूर देखें।

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