चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के पौराणिक तीर्थ स्थल चित्रकूट में शनिवार को दीपावली के पावन पर्व पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर कामदगिरि की परिक्रमा लगाई।
कोरोना काल में भी आस्था भारी पड़ी और लाखों लाख श्रद्धालु चित्रकूट में पूरे जोश के साथ परिक्रमा स्नान और पूजा में लगे रहे। विगत वर्षों में दीपावली के दिन श्रद्धालुओं की संख्या पच्चीस 30 लाख से भी अधिक हुआ करती थी।
चित्रकूट धाम के संत नवलेश दीक्षित ने बताया कि दीपावली में श्रद्धालुओं की संख्या 25 लाख से 30 लाख रहा करती थी लेकिन कोरोना महामारी के चलते श्रद्धालुओं की संख्या लगभग 40 प्रतिशत रही।
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श्री दीक्षित ने बताया कि प्रभु श्री राम ने रावण को मारने के बाद आज के दिन ही मंदाकिनी नदी में स्नान करके दीपदान किया था और तब से यह परंपरा आज तक चली आ रही है। आज के दिन मंदाकिनी नदी में स्नान करके दीपदान करने और कामदगिरि की परिक्रमा लगाने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
उन्होने बताया कि दीपावली का पर्व तब से भारतीय संस्कृति का गौरव के रूप में ही देखा जाता है। यह हमें अंधकार को दूर करके प्रकाश की सत्ता स्थापित करने की प्रेरणा देता है। आज के दिन चित्रकूट में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान गुजरात,पश्चिम बंगाल आदि प्रदेशों से आने वालों की काफी संख्या देखी गई।
चित्रकूट के हनुमान धारा गुप्त गोदावरी अनुसूइया आश्रम जानकी कुंड प्रमोद वन में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई पड़ी। जिलाधिकारी चित्रकूट शेषमणि पांडे और पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल लगातार अपनी पूरी टीम के साथ मेला स्थल पर बने रहे समाचार लिखे जाने तक किसी भी अप्रिय घटना का समाचार नहीं है।