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सांप्रदायिक नफरत फैलाने की वजह से कंगना रनौत के खिलाफ जांच के आदेश

कंगना रनौत kangna-ranaut

कंगना रनौत

मनोरंजन डेस्क.  बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल आए दिन सोशल मीडियल पर अपनी विभिन्न टिप्पणियों की वजह से किसी न किसी बखेड़े में पड़ीं रहतीं हैं. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने लोकप्रियता पाने के लिए सोशल मीडिया का गलत उपयोग करते हुए धर्म विशेष के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है. इसी सिलसिले में दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी जिसपर मुंबई की अदालत ने सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच के आदेश दिए हैं.

मालवी मल्होत्रा की मदद के लिए आगे आईं कंगना रनौत

मालूम हो कि कंगना रनौत पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है. एक्ट्रेस पर दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने के भी आरोप लगे हैं. इसी कड़ी में बीते दिनों पुलिस की तरफ से कंगना और रंगोली को समन भी भेजा गया था. लेकिन लंबे समय से कंगना ने इस समन को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है, बल्कि वे सोशल मीडिया पर ट्वीट कर मुंबई पुलिस की खिल्ली उड़ा रही हैं.

कंगना रनौत शिवसेना को पप्पू सेना कहकर संबोधित करती रही हैं. एक्ट्रेस का हर तंज वायरल होता रहा है और एक नए विवाद को जन्म दे रहा है. बता दें कि कंगना रनौत और उनकी बहन ने वकील के जरिए पुलिस पूछताछ में शामिल नहीं हो पाने के लिए उनके भाई की शादी को वजह बताया था. उन्होंने कहा था कि उनके घर में फंक्शन चल रहा है.

हाल ही में शिवसेना की वार्षिक दशहरा रैली में रविवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक्ट्रेस कंगना रनौत पर निशाना साधा. सीएम उद्धव ने कहा कि आज हम दस चेहरे का प्रतीकात्मक रावण जलाते हैं. एक चेहरे का कहना है कि मुंबई पीओके है. मैं कहना चाहूंगा कि अनुच्छेद-370 हट चुका है. अगर हिम्मत दिखानी है तो वहां एक जमीन खरीदने की हिम्मत दिखाओ.

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