• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कोरोना काल में जमातियों पर दर्ज हुए केस वापसी का आदेश

Desk by Desk
17/02/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
jamatiyon
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। लखनऊ सीजेएम कोर्ट ने कोरोना काल में जमातियों पर दर्ज हुए केस वापसी का बुधवार को आदेश दिया है। बता दें कि सीजेएम कोर्ट ने 18 जमातियों के केस वापस लेने के आदेश दिए हैं। 18 जमातियों में 7 जमाती विदेशी थे। इन पर प्रयागराज के शाहगंज थाने मे केस दर्ज हुए थे।

  अभिनंदा सरकार  के एवरग्रीन पार्टी नंबर ‘लैला’  ने मचाई धूम ।

बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के दौरान दर्ज किए गए ढाई लाख केस वापस लेने का फैसला किया है। इतना ही नहीं जमातियों के खिलाफ दर्ज धारा 188 के मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे। दरअसल कोरोना से सख्ती से निपटने के लिए यूपी में लॉकडाउन के दौरान करीब ढाई लाख लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर कई धाराओं के तहत मामले दर्ज हुए थे। अब यह सारे मामले वापस होंगे।

बड़ी बात यह है कि इनमें तब्लीगी जमात के खिलाफ दर्ज 323 केस भी शामिल हैं। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ और मेरठ में सबसे ज्यादा केस तब्लीगी जमातियों पर दर्ज किए गए थे। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से आदेश गृह विभाग को जारी कर दिए गए हैं।

सरकार का मानना है कि मामूली गलतियों के चलते आम लोगों पर आईपीसी की धारा-188 के तहत मामले दर्ज किए गए थे। अब आगे इन मामलों को चलाने का कोई औचित्य नहीं है। उत्तर प्रदेश, लॉकडाउन के दौरान दर्ज केस वापस लेने वाला पहला राज्य बन गया है।

पिछले साल मार्च महीने के पहले हफ्ते में आगरा में कोरोना का पहला केस मिला था। इसके लिए एक नवविवाहित युवती को जिम्मेदार ठहराया गया था। उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। यह कोरोना महामारी से जुड़ा राज्य का पहला आपराधिक मुकदमा था।

इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क नहीं लगाने, सार्वजनिक स्थलों पर थूकने आदि जैसे नियमों के उल्लंघन करने के मामले में लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा-188 के तहत मामले दर्ज हुए थे।

Tags: UP covidUP covid newsUP lockdown rulesup newsYogi Adityanath
Previous Post

रिवरफ्रंट घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दाखिल की चार्जशीट

Next Post

अफगान मस्जिद के अंदर चल रही थी बम बनाने की क्‍लॉस, 30 आतंकियों की मौत

Desk

Desk

Related Posts

Rajnath Singh
उत्तर प्रदेश

बुजुर्गों की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता: राजनाथ सिंह

29/08/2026
CM Dhami
Main Slider

हल्द्वानी में व्यापारियों से बोले CM धामी- “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है”

29/08/2026
Passengers availed the benefit of the free bus travel facility.
उत्तर प्रदेश

रक्षाबंधन निशुल्क बस यात्रा: शनिवार शाम तक 80 लाख महिलाओं व सहयात्रियों ने उठाया सेवा का लाभ

29/08/2026
More than one lakh saplings planted on Rakshabandhan
उत्तर प्रदेश

रक्षाबंधन के पर्व पर भाई-बहनों ने लगाए एक लाख से अधिक पौधे

29/08/2026
CM Yogi conducted an aerial inspection of flood-affected villages in Ballia.
Main Slider

50-50 किलो राहत सामग्री दे रही सरकार, 500 ग्राम राहत नहीं पहुंचा पाती थी सपा: मुख्यमंत्री योगी

29/08/2026
Next Post
30 आतंकियों की मौत 30 terrorists killed

अफगान मस्जिद के अंदर चल रही थी बम बनाने की क्‍लॉस, 30 आतंकियों की मौत

यह भी पढ़ें

Ashraf

माफिया अतीक के भाई अशरफ को लेने बरेली पहुंची प्रयागराज पुलिस

12/04/2023
journalist arrested

पत्नी की हत्या कर साधू बना 25 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार

01/03/2021
Subramanian Swamy

स्वामी 26 जनवरी की परेड रद्द करवाने पर दे रहे हैं जोर, जानें क्यों?

05/01/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version