पीएम मोदी की टिप्पणी पर बिफरे ओवैसी, याद दिलाया संविधान

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गाय और ओम पर की गई टिप्पणी पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उन्हें संविधान के हवाले से नसीहत दी है।

पर्यावरण और पशुधन भारत के आ​र्थिक चिंतन का लक्ष्य रहा है : पीएम मोदी 

ओवैसी ने कहा कि गाय हमारे हिंदू भाईयों के लिए एक पवित्र जानवर है, लेकिन संविधान में मनुष्यों को जीवन और समानता का अधिकार दिया गया है। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इसे ध्यान में रखेंगे।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मथुरा के पंडित दीन दयाल उपाध्याय वेटरनेरी विश्वविद्यालय में पशुओं के लिए कई योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में गाय और ओम का नाम सुनने पर कुछ लोगों के बाल खड़े हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि देश 16वीं शताब्दी में चला गया। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा कहने वालों ने देश बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पशु पालन और इससे जुड़े अन्य विभागों की परियोजनाओं को देखा। पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहे। पीएम मोदी ने गायों की नस्ल के बारे में भी जानकारी ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बृज भाषा का इस्तेमाल करते हुए कार्यक्रम में आए लोगों से राधे-राधे की। इसके बाद उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को पर्यावरण का सबसे बड़ा चिंतक बताने वाले उदाहरण दिए। कहा कि कालिंदी (यमुना), वैजयंती माला, मयूर पंख, कदम की छांव, बांस की बांसुरी, धेनू के बिना श्रीकृष्ण की तस्वीर पूरी नहीं हो सकती।

दूध, दही, माखन के बिना बाल गोपाल की कल्पना कोई नहीं कर सकता है। प्रकृति, पर्यावरण और पशुधन हमेशा से भारत के आर्थिक चिंतन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हम नए भारत की तरफ आगे बढ़ रहे हैं।

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पीएम मोदी ने कहा कि कचरे से कंचन की सोच ही हमारे पर्यावरण की रक्षा करेगी। आस-पास के वातावरण को स्वच्छ बनाएगी। अपनी आदतों में भी हमें परिवर्तन करने होंगे। कहा कि हमें यह तय करना है कि जब भी दुकान, बाजार में खरीदने के लिए जाएं तो साथ में अपना थैला, बैग अवश्य ले जाएं।

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