• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पंचायत चुनाव : प्रधानी के लिए अपनी ही संतान को कर रहे है पराया

Desk by Desk
10/09/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
पंचायत चुनाव

पंचायत चुनाव

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

बागपत। अब तक चुनावी बिसात पर पिता के सामने पुत्र और भाई के सामने भाई को शह मात देने के कई सच्चे वाकयों से सामने आये है लेकिन आज तक यह नहीं हुआ कि चुनाव लड़ने के लिए कोई पिता अपने बेटे को ही पराया घोषित कर दे, यानी कि उसे बाकायदा लिखा पढ़ी में किसी दूसरे को सौंप दे।

यह कहावत अक्षरशः सच साबित होती दिख रही है कि राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता। राज्य सरकार की दो से अधिक बच्चे होने पर पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक की प्रस्तावित कवायद से संभावित दावेदारों में खलबली मच गई है।

योगी सरकार ने चार राज्यों के बीच बस सेवा बहाली को दी हरी झंडी

पंचायत चुनाव में धमाकेदर आमद दर्ज कराने का खाका खींच रहे दावेदारों ने अपने मंसूबों पर पानी फिरता देखा तो इसकी भी काट तलाश ली। दो से अधिक बच्चों वाले संभावित दावेदारो ने अपने तीसरे व चौथे बच्चे का अपने सगे भाई व अन्य नजदीकी रिश्तेदार को गोदनामा कराने के लिए अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए सलाह मशविरा के लिए अधिवक्ताओं के यहां दस्तक़ भी देनी शुरू कर दी है। इसके अलावा न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के मानक पर खरा उतरने के लिए हाईस्कूल की टीसी व मार्कशीट बनवाने के साथ प्राइवेट फार्म भरने की जुगत भी भिड़ाना शुरू कर दिया है। सबसे अधिक मशक्कत वर्तमान प्रधानों के साथ प्रधानी का चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों में मची हुई है। जिले में 248 ग्राम पंचायतें हैं।

अधिवक्ता हरिओम शर्मा ने बुधवार को यहां बताया कि पंचायत में दो बच्चों से अधिक वाले चुनाव न लड़ पाने को लेकर सरकार की तैयारी से वर्तमान प्रधानों और संभावित दावेदारों में खलबली मच गई है। दो से अधिक बच्चों वाले अभी से अपनी तीसरी व चौथी संतान का गोदनामा अपने सगे भाई व नजदीकी रिश्तेदारों के नाम कराने की जुगत में लग गए हैं। कुछ संभावित दावेदारों ने तो अपने कागज भी तैयार करवा लिए हैं।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू

वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद कुमार जैन व विशाल धामा ने बताया कि अचानक बड़ी संख्या में गांवों से लोग गोदनामा कराने के लिए आ रहे हैं। उन्हें स्पष्ट बता दिया गया है कि आठ साल से ऊपर बच्चे का गोदनामा नहीं किया जा सकता। गोदनामा कराने के लिए जैसे जमीन की रजिस्ट्री व बैनामा किया जाता है वैसे ही गोदनामा में दोनों पार्टियों के उसी तरह पेपर, फोटो समेत ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

पंचायत चुनाव में प्रधान पद के लिए ही सबसे अधिक जोर आजमाइश होती है। दावेदार इस चुनाव को सीधे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर जीत के लिए हर जुगत अपनाते हैं। पिछले पंचायत चुनाव 2015 में हुए थे। इसलिए अक्टूबर-नवंबर 2020 में प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वैसे तो अब तक पंचायत चुनाव की सरगर्मी उफान पर होती लेकिन कोरोना काल के चलते फिलहाल प्रक्रिया कुछ माह के लिए टाल दी गई है। अगले छह महीने तक पंचायत चुनाव के होने के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। अलबत्ता समय करीब आते देख संभावित दावेदारों ने अपनी सक्रियता जरूर बढ़ा दी है। इसी बीच दो से अधिक बच्चे होने पर पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता पर सरकार के विचार करने की खबर ने प्रधानी हासिल करने का ख्वाब संजोने वालों की नींद उड़ा दी है। मौजूदा प्रधानों और संभावित दावेदारों ने चुटकियों में इन मानकों पर खरा उतरने का रास्ता तलाश भी लिया है और अपनी तीसरी या चौथी संतान का गोदनामा तैयार कराने में जुट गए। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के लिए भी टीसी व मार्कशीट का प्रबंध करने की कवायद चल निकली है।

डेविड मलान बोले- ‘मुझे नहीं लगता कि मैं विराट कोहली या बल्लेबाजों के आस-पास भी हूं’

ग्राम प्रधान संघ पदाधिकारी रामबीर का कहना है कि पंचायत चुनाव में पद के लिए फर्जी अहर्ता तैयार कराना गलत है। झूठ की बुनियाद पर पद हासिल करने वाले विकास व जनता का हित नही कर सकते। सरकार की तरफ से जो भी गाइड लाइन जारी होगी, यदि उस पर खरे उतरे तो ठीक है। फर्जी तरीके से चुनाव लड़ना ठीक नहीं है।

Tags: 24ghante online.comlatest political newsLatest Uttar Pradesh News in Hindinew law for UP Panchayat electionspanchayat electionspolitical newspreparations for UP Panchayat elections beginUP Politicsपंचायत चुनावयूपी पंचायत चुनाव का नया कानूनयूपी पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू
Previous Post

जानें कैसे हुई थी महालक्ष्मी व्रत की शुरूआत, क्या है पूरी व्रत कथा

Next Post

आज है महालक्ष्मी व्रत, इन 5 बातों का रखें ध्यान,पैसों की होगी बारिश

Desk

Desk

Related Posts

Surya Grahan on Hariyali Amavasya
Main Slider

हरियाली अमावस्या पर ग्रहण का साया, जानें भारत में क्या रहेगा असर

12/08/2026
Surya Grahan
Main Slider

आज लग रहा है साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल के नियम

12/08/2026
Kheer
Main Slider

सावन के व्रत में खाएं इन चीजों से बनी खीर

12/08/2026
Jewelery
Main Slider

मानसून में इन तरीको से रखें आभूषणों का ख्याल

12/08/2026
CM dashboard
उत्तर प्रदेश

सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग में एक बार फिर रामपुर ने मारी बाजी

11/08/2026
Next Post
mahalaxmi vrat

आज है महालक्ष्मी व्रत, इन 5 बातों का रखें ध्यान,पैसों की होगी बारिश

यह भी पढ़ें

corona treatment

बीमाधारक सरकार और बीमा कंपनियों के नियमों के फेर में फंस रहे है कोरोना मरीज

15/09/2020
Four children drowned in the pond

यमुना में डूबने से बालक की मौत

26/05/2023
Israeli Attack

इजरायल ने लेबनान और गाजा पट्टी पर बरसाए बम

07/04/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version