• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

Param Ekadashi : 13 अक्तूबर को अधिक मास की आखिरी एकादशी

Desk by Desk
12/10/2020
in Main Slider, ख़ास खबर, धर्म, फैशन/शैली
0
Dev Uthani Ekadashi

Dev Uthani Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

धर्म डेस्क। परम एकादशी अधिक मास की आखिरी एकादशी है। दरअसल पुरुषोत्तम मास कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को परम एकादशी के नाम से जाना जाता है। परम एकादशी व्रत 13 अक्तूबर को रखा जाएगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस एकादशी व्रत को करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और इसके साथ ही दुर्लभ सिद्धियों की प्राप्ति भी होती है। इस एकादशी में स्वर्ण दान, विद्या दान, अन्न दान, भूमि दान और गौदान करने से जातकों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

धार्मिक शास्त्रों में परम एकादशी भगवान विष्णु के भक्तों को परम सुख देने वाली मानी गई हैं। कहते हैं कि इस एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है। अधिक मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली परम एकादशी का व्रत करने वाले जातकों को बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है।

बताया जाता है कि बैकुंठ धाम की प्राप्ति के लिए ऋषि-मुनि और संत आदि हजारों वर्षों तक तपस्या करते हैं। लेकिन एकादशी का व्रत इतना अधिक प्रभावशाली है कि इसके माध्यम से भी बैकुंठ धाम की प्राप्ति संभव है।

परम एकादशी शुभ मुहूर्त (Param Ekadashi Shubh Muhurat)

  • एकादशी तिथि आरंभ – 12 अक्तूबर, सोमवार – दोपहर 4 बजकर 38 मिनट से
  • एकादशी तिथि समाप्त – 13 अक्तूबर, मंगलवार – दोपहर 2 बजकर 35 मिनट तक
  • पारण मुहुर्त – 14 अक्तूबर, बुधवार – सुबह 06 बजकर 21 मिनट से 8 बजकर 39 मिनट तक

परम एकादशी व्रत विधि (Parma Ekadashi vrat vidhi)

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
  • इसके बाद अपने पितरों का श्राद्ध करें।
  • भगवान विष्णु की पूजा-आराधना करें।
  • ब्राह्मण को फलाहार का भोजन करवायें और उन्हें दक्षिणा दें।
  • इस दिन परमा एकादशी व्रत कथा सुनें।
  • एकादशी व्रत द्वादशी के दिन पारण मुहूर्त में खोलें।

परम एकादशी व्रत कथा

प्राचीन काल में सुमेधा नामक एक ब्राह्मण रहता था। उसकी स्त्री का नाम पवित्रा था। वह परम सती और साध्वी थी। वे दरिद्रता और निर्धनता में जीवन निर्वाह करते हुए भी परम धार्मिक थे और अतिथि सेवा में तत्पर रहते थे। एक दिन गरीबी से दुखी होकर ब्राह्मण ने परदेश जाने का विचार किया, किंतु उसकी पत्नी ने कहा- ‘’स्वामी धन और संतान पूर्वजन्म के दान से ही प्राप्त होते हैं, अत: आप इसके लिए चिंता ना करें।’’

एक दिन महर्षि कौडिन्य उनके घर आए। ब्राह्मण दंपति ने तन-मन से उनकी सेवा की। महर्षि ने उनकी दशा देखकर उन्हें परमा एकादशी का व्रत करने को कहा। उन्होंने कहा- ‘’दरिद्रता को दूर करने का सुगम उपाय यही है कि, तुम दोनों मिलकर अधिक मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी का व्रत तथा रात्रि जागरण करो। इस एकादशी के व्रत से यक्षराज कुबेर धनाधीश बना है, हरिशचंद्र राजा हुआ है।’’

ऐसा कहकर मुनि चले गए और सुमेधा ने पत्नी सहित व्रत किया। प्रात: काल एक राजकुमार घोड़े पर चढ़कर आया और उसने सुमेधा को सर्व साधन, संपन्न, सर्व सुख समृद्ध कर एक अच्छा घर रहने को दिया। इसके बाद उनके समस्त दुख दर्द दूर हो गए।

Tags: Parama ekadashi 2020parama ekadashi 2020 dateएकादशी व्रत लिस्ट 2020परमा एकादशी कब की हैपरमा एकादशी कब हैरमा एकादशी व्रतरमा एकादशी व्रत कथा
Previous Post

भाजपा सरकार की नीतियों से सिर्फ पूंजीपतियों को लाभ : शिवपाल

Next Post

भाजपा प्रदेश को विकास के नहीं, विनाश के रास्ते पर ले जाना चाहती है : अखिलेश

Desk

Desk

Related Posts

Eyes
फैशन/शैली

अपनी छोटी आंखों को बनाएं आकर्षक, इन टिप्स को करें फॉलो

17/05/2026
Garden
Main Slider

घर के गार्डन में घास-फूस हटाने के लिए आजमाए ये उपाय

17/05/2026
Love
Main Slider

प्यार के मामले में सबसे आगे होती है ये 4 राशि वाले, जानें कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

17/05/2026
Puja Ghar
धर्म

पूजा घर में गलती से भी ना रखें ये चीजें, तरक्की में बन सकती है बाधा

17/05/2026
salt
खाना-खजाना

ज्यादा नमक ने बिगाड़ दिया खाने का जायका, ऐसे दूर करें ये समस्या

17/05/2026
Next Post
अखिलेश यादव akhilesh yadav

भाजपा प्रदेश को विकास के नहीं, विनाश के रास्ते पर ले जाना चाहती है : अखिलेश

यह भी पढ़ें

Truck-Trolley Collision

तेज रफ्तार कार ट्रक से भिड़ी, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

21/06/2022
Imprisonment

चेक बाउंस होने पर मिला इतने महीने का कारावास

26/10/2023
Congress

UP Chunav 2022: कांग्रेस की तीसरी सूची में 89 में से 37 महिला प्रत्याशी

26/01/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version