पितृपक्ष 2018: कौवें की क्रियाओं के द्वारा जाने शुभ-अशुभ के संकेत

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नई दिल्ली: जैसा की आपको पता होगा की 24 सितंबर से श्राद्ध पक्ष शुरू हो रहे हैं। विष्णु पुराण में कौवों के बारे में बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि श्राद्ध पक्ष में हमारे पितर देवलोक से इस धरती पर कौवें के रूप में आते हैं। कौए को पितर रूप में पितृपक्ष के 15 -16 दिनों तक भोजन अर्पित किया जाता है।

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16 दिनों में कोए को खाना खिलाकर तृप्ति कर अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार शास्त्रों में कौए के कई शुभ-अशुभ संकेत के बारे में बताया गया है।

जानिये इनसे जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातें:

-अपने घर के आसपास अगर आपको कौए की चोंच में फूल-पत्ती दिखाई दे जाए तो मनोरथ की सिद्धि होती है ।

-अगर कौआ गाय की पीठ पर चोंच को रगड़ता हुआ दिखाई तो समझिए आपको उत्तम भोजन की प्राप्ति होगी।

-अगर कौआ अपनी चोंच में सूखा तिनका लाते दिखे तो धन लाभ होता है।

-कौआ अनाज के ढेर पर बैठा मिले, तो धन लाभ होता है

-अगर सूअर की पीठ पर कौआ बैठा दिखाई दें, तो अपार धन की प्राप्ति होती है।

-यदि कौआ बाईं तरफ से आकर भोजन ग्रहण करता है तो यात्रा बिना रुकावट के संपन्न होती है। वहीं कौआ पीठ की तरफ से आता है तो प्रवासी को लाभ मिलता है।

-अगर कौआ मकान की छत पर या हरे-भरे वृक्ष पर जाकर बैठे तो अकस्मात धन लाभ मिलता है।

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