प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपने 5 देशों का महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरा पूरा करके आज गुरुवार, 21 मई 2026 को स्वदेश (दिल्ली) लौट आए हैं। दिल्ली पहुंचते ही प्रधानमंत्री आज शाम को होने वाली मोदी मंत्रिपरिषद की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वैश्विक स्तर पर, विशेषकर मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी गंभीर भू-राजनीतिक संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बुलाई गई इस बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक लिहाज से अत्यंत अहम माना जा रहा है। करीब 11 महीने के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही मंत्रिपरिषद की यह बैठक कई घंटों तक चल सकती है, जिसमें सरकार के आगामी रोडमैप और कई बड़े मंत्रालयों के प्रजेंटेशन पर चर्चा होगी।
केंद्र सरकार और केंद्रीय कैबिनेट में संभावित फेरबदल की जारी अटकलों के बीच होने वाली इस बैठक पर पूरे देश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। यह महाबैठक आज शाम साढ़े चार बजे से शुरू होगी और इसके लगातार 4 से 5 घंटे तक चलने की संभावना जताई जा रही है।
इस बैठक की संवेदनशीलता और महत्ता को इस बात से समझा जा सकता है कि इससे पहले पिछले साल 4 जून को मोदी मंत्रिपरिषद की ऐसी बैठक हुई थी। आगामी 9 जून को केंद्र में मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को देखते हुए सभी मंत्रालयों से पिछले 12 सालों में उनके द्वारा चलाई गई सबसे सफल और जनोपयोगी योजनाओं की एक विस्तृत सूची (रिपोर्ट कार्ड) मांगी गई है, जिसे इस बैठक के दौरान पेश किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, अपने-अपने विभागों में किए गए और आगामी समय में किए जाने वाले ढांचागत सुधारों को लेकर करीब एक दर्जन मंत्रालयों के सचिव प्रधानमंत्री के समक्ष प्रजेंटेशन देंगे। इन अहम मंत्रालयों में वित्त, रेलवे, ऊर्जा, वाणिज्य, श्रम, कृषि, वन एवं पर्यावरण, सड़क परिवहन, परमाणु ऊर्जा और डीपीआईआईटी (DPIIT) शामिल हैं। सभी मंत्रालय पिछले 2 वर्षों में सुधारों के लिए उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी पहले ही कैबिनेट सचिवालय को सौंप चुके हैं।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मध्य पूर्व संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम आसमान छू रहे हैं और गैस व ईंधन की किल्लत का खतरा मंडरा रहा है। वैश्विक स्तर पर बदले इन हालातों को देखते हुए कई महत्वपूर्ण और कड़े नीतिगत सुधारों को हरी झंडी दिए जाने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पहले ही देशवासियों से इस वैश्विक संकट के प्रति सचेत रहने और ऊर्जा (गैस और तेल) की बचत करने की भावुक अपील कर चुके हैं। आज की बैठक में प्रधानमंत्री मंत्रियों और सचिवों को सरकार के आने वाले मुख्य एजेंडे के बारे में मार्गदर्शन देंगे, जिससे भविष्य की आर्थिक और विकासात्मक नीतियों की दिशा तय होगी।
