पीएम मोदी: हमारे लिए गर्व की बात है कि उन्हें संत की उपाधि दी जाएगी

केरल की नन मरियम थ्रेसिया
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कोच्चि। केरल की नन मरियम थ्रेसिया को पोप फ्रांसिस रविवार को वेटिकन सिटी में संत की उपाधि देंगे। इस मौके के इंतजार में केरल के कैथॉलिक चर्चों में खासा उत्साह दिख रहा है। उनसे पहले सूबे के तीन लोगों को संत की उपाधि से नवाजा जा चुका है। थ्रेसिया को उनके निधन के 93 साल बाद यह उपाधि दी जा रही है। वेटिकन के सेंट पीटर्स स्क्वेयर में दोपहर 1:30 बजे पोप फ्रांसिस नन मरियम थ्रेसिया को संत की उपाधि दिए जाने की घोषणा करेंगे।

केरल के त्रिशूर जिले के पुथेनचिरा में जन्मीं मरियम थ्रेसिया की तुलना मदर टेरेसा से की जाती रही है। बता दें कि अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने भी मरियम थ्रेसिया का जिक्र करते हुए कहा था कि हमारे लिए गर्व की बात है कि उन्हें संत की उपाधि दी जाएगी। 19वीं सदी में महिलाओं की शिक्षा के लिए काम करने वाली मरियम थ्रेसिया ने तमाम स्कूलों की स्थापना की थी।

सिस्टर मरियम ने होली फैमिली नाम की एक धर्मसभा की स्थापना की थी। वेटिकन सिटी में मौजूद एक दस्तावेज के मुताबिक, उन्होंने कई स्कूल, हॉस्टल, अनाथालय और कॉन्वेंट बनवाए और संचालित किए। सिस्टर मरियम को लड़कियों की शिक्षा और उनके सशक्तीकरण के लिए किए गए कामों के लिए भी याद किया जाता है। 1914 में उनके द्वारा स्थापित इस संस्था में अब करीब 2000 नन हैं।

केरल में सामाजिक उत्थान के कामों के लिए विख्यात रहीं सिस्टर मरियम को मदर टेरेसा की तरह माना जाता है। अंतर बस इतना है कि सिस्टर मरियम को उनके देहांत के करीब 93 सालों बाद इस सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। 26 अप्रैल 1876 को केरल के त्रिशूर जिले में जन्मीं सिस्टर मरियम 50 साल की उम्र में 8 जून 1926 को दुनिया को छोड़ गई थीं।

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा था कि भारत ऐसे असाधारण लोगों की जन्मभूमि और कर्मभूमि रहा है जो अपने लिए नहीं बल्कि औरों के लिए जीते हैं। उन्होंने कहा था कि पोप फ्रांसिस मरियम थ्रेसिया को संत घोषित करेंगे जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।

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