पीएम मोदी ने राजीव गांधी के जरिए कांग्रेस पर बोला बड़ा हमला

राजीव गांधीराजीव गांधी

नई दिल्‍ली। कांग्रेस समेत विपक्ष बीजेपी को दलित और पिछड़ा विरोधी कहे जाने को लेकर पीएम मोदी ने पलटवार किया है। उन्होंने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने पूर्व पीएम राजीव गांधी को दलित विरोधी करार दिया है। साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ करते हुए उन्हें दलितों को न्याय दिलाने वाले बताया है। पीएम ने इस दौरान महागठबंधन को तेल पानी का मेल करार दिया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन तेल और पानी के मेल जैसा है, इसके बाद न तो पानी काम का रहता है, न तेल काम का होता है और न ही ये मेल। यानी ये मेल पूरी तरह फेल है।

राजीव गांधी को लेकर पीएम मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

पीएम मोदी ने कांग्रेस समेत विपक्ष बीजेपी को दलित और पिछड़ा विरोधी कहे जाने को लेकर पलटवार करते हुए कहा कि राजीव गांधी भरी संसद में मंडल कमीशन के खिलाफ बोले थे और वह सब रिकॉर्ड में है। पिछड़े समाज को न्‍याय न मिले, उसके लिए उन्‍होंने बड़ी-बड़ी दलीलें पेश की थीं।

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उन्होंने कहा कि 1997 में कांग्रेस और तीसरे मोर्चे की सरकार ने प्रमोशन में आरक्षण बंद कर दिया था। मोदी ने पूर्व पीएम अटल बिहारी की वाजपेयी की तारीफ करते हुए कहा कि वह तो अटल जी की सरकार थी, जिसने फिर से एससी-एसटी समाज को न्‍याय दिलाया।

महागठबंधन तेल-पानी का मेल

अखबार के इंटरव्यू में पीएम मोदी ने महागठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि महागठबंधन तेल और पानी के मेल जैसा है। इसके बाद न तो पानी काम का रहता है, न तेल काम का होता है और न ही ये मेल। यानी ये मेल पूरी तरह फेल है। उन्होंने विपखी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि जनता ने इन पार्टियों को खुद को साबित करने के लिए पर्याप्‍त मौका दिया। लेकिन ये भ्रष्‍टाचार, भाई-भतीजावाद और कुशासन से बाहर नहीं निकल सकीं।

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पीएम ने कहा कि ये पार्टियां जान गयी हैं कि जाति, धर्म के आधार पर बनाए गए इनका चुनावी समीकरण उनके विकास के एजेंडे को चुनौती नहीं दे सकता। इसलिए डर कर महागठबंधन बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह सवाल उठता है कि जो खुद डरा हुआ है, वह दूसरे को संबल कैसे दे सकता है?

इसके साथ ही राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को भी मानसून सत्र में संसद की मंजूरी मिल गयी। राज्यसभा ने इससे संबंधित ‘संविधान (123वां संशोधन) विधेयक को 156 के मुकाबले शून्य मतों से पारित कर दिया।लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है।

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