नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने गुजरात में SWAGAT की शुरुआत के 20 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। इस पहल को अप्रैल 2003 में जब नरेंद्र मोदी (PM Modi) गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्हीं ने शुरू किया था। आम जनता के दर्द को समझने और उनकी मुश्किलों का निपटारा करने के लिए सीएम मोदी ने एक ऑनलाइन सिस्टम शुरु किया था जिसमें जनसमस्याओं को सुना जाने लगा और सरकार टेक्नोलॉजी की मदद से जनता की रोजमर्रा की मुश्किलों को जल्दी और समयबद्ध तरीके से समाधान कर सके।
इस कार्यक्रम का नाम ‘स्वागत’ (SWAGAT) रखा गया। SWAGAT यानि स्टेट वाईड अटेंशन ऑन ग्रिवांसेस थ्रू एप्लीकेशन ऑफ टेक्नोलॉजी। स्वागत यानि स्थानीय भाषा में वेलकम जिसमें आम नागरिकों का स्वागत है। गुजरात में तो स्वागत का इतना असर रहा है कि अप्रैल 2003 से मार्च 2023 तक 56,3806 आवेदनों में 99.91 फीसदी शिकायतें सुलझा ली गई हैं। खास बात ये कि ज्यादातर मुश्किलें स्थानीय स्तर पर ही सुलझा ली जातीं हैं। पीएम मोदी की इसी विरासत को अब गुजरात के मुख्यमंत्री आगे बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से, यह 2010 में संयुक्त राष्ट्र के सार्वजनिक सेवा पुरस्कार से सम्मानित हुआ था।
गवर्नेंस के गुजरात मॉडल की आज पूरी दुनिया में एक पहचान
पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने अपने भाषण में कहा कि मैंने जब SWAGAT की शुरुआत की थी तो मुझे बहुत ज़्यादा समय मुख्यमंत्री बने नहीं हुआ था। लोग मुझे बोला करते थे कि एक बार कुर्सी मिल जाती है तो लोग बदल जाते हैं, लेकिन मैं मन में तय करके बैठता था कि मैं वैसा ही रहूँगा जैसा मुझे लोगों ने बनाया है।
लोगों के बीच से जो अनुभव प्राप्त किये हैं, मैं किसी भी सूरत में कुर्सी की मजबूरियों का गुलाम नहीं बनूँगा। गवर्नेंस के गुजरात मॉडल की आज पूरी दुनिया में एक पहचान बन गयी है। स्वागत के तौर पर हमने एक प्रैक्टिकल सिस्टम तैयार किया है। स्वागत ने जन सामान्य के अंदर एक विश्वास पैदा किया।