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पीएम मोदी ने किसानों से कहा अब कोई बिचौलिए नहीं, कोई कमीशन नहीं

पीएम मोदी pm modi

पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह से किसानों को समर्पित है तथा यहाँ किसानों की भलाई के लिए निरंतर कार्य हो रहे हैं।

श्री मोदी ने आज प्रदेश के रायसेन में आयोजित किसान महासम्मेलन में प्रदेश के 50 लाख से अधिक किसानों को सीधे (वर्चुअली) संबोधित किया। किसान कार्यक्रम स्थल से तथा प्रदेश के सभी जिला, जनपद तथा ग्राम पंचायतों से वर्चुअली जुड़े थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के साढ़े 35 लाख किसानों के खातों में फसल नुकसानी की प्रथम किश्त के रूप में 1600 करोड़ रूपए की राशि अंतरण की शुरूआत की।

श्री चौहान द्वारा कार्यक्रम में 70 करोड़ रूपए से अधिक के कृषि अधोसंरचना विकास के कार्यों का शिलान्यास/लोकार्पण किया। इसके साथ ही 2 हजार मछुआ पालक एवं पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, कृषि मंत्री कमल पटेल, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी आदि उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कोई बिचौलिए नहीं, कोई कमीशन नहीं। यह भारत में पिछले 5-6 वर्षों में बनाई गई व्यवस्था का परिणाम है, जिसकी पूरे विश्व में आज प्रशंसा हो रही है। आज यहां कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाऊस आदि कृ‍षि अधोसंरचनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास भी हुआ है, जो कि किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी होंगे। देश में भंडारण की कमी के चलते प्रतिवर्ष एक लाख करोड़ के फल, सब्जी, अनाज खराब हो जाते हैं। हमारी प्राथमिकता है कि देश में भंडारण केन्द्रों का नेटवर्क बनाना तथा फूड प्रोसेसिंग के उद्यम स्थापित करना।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के सारे किसान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ हैं तथा नए कृषि कानून लागू करने के लिए उनका अभिनंदन एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी किसानों के सबसे बड़े हितैषी नेता हैं। किसानों की आय दोगुना करना उनका जुनून एवं जज्बा है। उन्होंने फसल बीमा योजना बनाई, किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रूपए किसान सम्मान निधि दी जा रही है।

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श्री चौहान ने कहा कि देश के किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 02 लाख करोड़ रूपए का रियायती दरों पर ऋण दिलवाया तथा कृषि अधोसंरचना विकास के लिए 01 लाख करोड़ रूपए की राशि दी। वे निरंतर किसानों के हित में कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा बनाए गए कृषि सुधार कानूनों ने अब किसानों को अपनी मर्जी का मालिक बना दिया है। वे अपनी मर्जी से मंडी अथवा उसके बाहर कहीं भी देश-विदेश में, जहां उन्हें अच्छा दाम मिले, अपनी फसल बेच सकते हैं। इसी प्रकार फसल अनुबंध के माध्यम से किसानों को अपनी फसलों का निश्चित एवं अधिक मूल्य मिलेगा। ‘स्टॉक लिमिट’ समाप्त करने से व्यापारियों द्वारा फसलों की अधिक खरीदी होगी, जिससे किसानों को अधिक लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों को विभिन्न योजनाओं, समर्थन मूल्य खरीदी आदि के माध्यम से 82 हजार करोड़ रूपए से अधिक का लाभ दिया गया है। मध्यप्रदेश के किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा के 8 हजार 646 करोड़ रूपए, उद्यानिकी फसल बीमा की 100 करोड़ रूपए, सहकारी बैंकों के माध्यम से सहायता के लिए 800 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री सम्मान निधि के 6 हजार 815 करोड़ रूपए, खरीफ फसलों के नुकसान के 1600 करोड़ रूपए, गेहूँ, धान, ज्वार, बाजरा, चना, सरसों के समर्थन मूल्य खरीदी के 35 हजार करोड़ रूपए, बिजली की सब्सिडी के 14 हजार 804 करोड़ रूपए तथा किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंको 550 करोड़ रूपए दिए गए हैं।

श्री चौहान ने कहा कि किसान सम्मान निधि के अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार वर्ष में किसानों को 4-4 हजार रूपए देगी, जिसके प्रतिवर्ष उन्हें 35 हजार करोड़ रूपए दिए जाएंगे। फसल नुकसानी के कुल 4500 करोड़ रूपए किसानों को दिए जाएंगे, जिसकी पहली किश्त आज दी गई है। इसी के साथ प्रदेश में नई 7 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 8 हजार करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।

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