एएमयू छात्र को तत्काल रिहा करे पुलिस: रिहाई मंच

एएमयूएएमयू

लखनऊ । रिहाई मंच ने अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी (एएमयू) में पुलिस की आपराधिक छापेमारी पर सवाल करने वाले छात्र आमिर मनटोई के उठाए जाने की कड़ी निंदा की है। उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग की।

ये भी पढ़ें :-यूपी पुलिस का ऑपरेशन ऑलआउट, अब तक 26 बदमाशों का एनकाउंटर 

एएमयू में एनआईए और जांच एजेंसियों पर सवाल

  • रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि एएमयू में एनआईए और जांच एजेंसियों ने छापेमारी की।
  • इस कार्रवाई का कारण पूछने वाले छात्र आमिर मन्टोई को पुलिस ने उठाकर साबित कर दिया कि वह आपराधिक कार्रवाई कर रही थी।
  • क्योंकि अगर वह सही थी तो उसे छात्रों को बताना चाहिए था।
  • छापेमारी का कारण जानना नागरिक का हक है।
  • सिर्फ मुस्लिम युनिवर्सिटी होने के नाते इस हक को नहीं छीना जा सकता।
  • उन्होंने कहा कि पुलिस उसे क्यों पन्ना देवी थाने ले गई जबकि एएमयू सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आता है।
  • आमिर की सुरक्षा को लेकर उन्होंने आशंका व्यक्त की कि पुलिस उसे किसी झूठे मामले में फंसा सकती है।

सच्चाई जांच से आएगी न की एएमयू के मीडिया ट्रायल से

  • राजीव यादव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
  • एएमयू के छात्र मनान वानी की फोटो वायरल हो जाने के बाद मीडिया में एएमयू को आतंकवाद से जोड़कर दिखाने की होड़ मच गई है।
  • ऐसे में छात्रों का सवाल वाजिब है।
  •  कि अभी बिना किसी जांच के इस तरह से युनिवर्सिटी का मीडिया ट्रायल न किया जाए।
  • रिहाई मंच ने कहा कि जिस हबीब हाल में छापेमारी हुई।
  •  वहीं से यूपी के मोबीन और जम्मू और कश्मीर के गुलजार वानी को भी आतंकवाद के फर्जी मामले में गिरफ्तार किया गया था।
  • आखिरकार उनके जवानी के 16 साल बर्बाद होने के बाद वे पिछले साल ही अदालत से दोषमुक्त हुए।
  •  ऐसे में फोटो वायरल, मनान के परिवार द्वारा मिसिंग की एफआईआर दर्ज कराने के पहले हुई।
  • ऐसे बहुतेरे सवाल है जिनका जवाब मीडिया ट्रायल नहीं बल्कि जांच से मालूम चलेगा।
loading...
Loading...

You may also like

उत्तर प्रदेश :युवक ने जहर खाकर लगाई सीएम से न्याय की गुहार

लखनऊ।  सरकार के लाख दावे करने के बाद