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पुलिसकर्मियों, अर्द्धसैनिक बलों और स्वास्थ्यकर्मियों को अब खिलाई जाएगी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी से लड़ाई में पहली पंक्ति में खड़े कोरोना योद्धाओं को अब हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा दी जाएगी। देश में कोरोना ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों और अर्द्धसैनिक बलों, कंटेनमेंट जोन और विभिन्न जगहों पर पहली पंक्ति में खड़े होकर काम कर रहे कर्मचारियों को ये दवा दी जाएगी।

सरकार ने शुक्रवार को एक संशोधित परामर्श जारी कर गैर कोविड-19 अस्पतालों में काम कर रहे बिना लक्षण वाले स्वास्थ्यसेवा कर्मियों, कंटेनमेंट जोन में निगरानी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने संबंधी गतिविधियों में शामिल अर्द्धसैन्य बलों/पुलिसकर्मियों को रोग निरोधक दवा के तौर पर हाइडॉक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) का इस्तेमाल करने की सिफारिश की है।

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इससे पहले जारी परामर्श के अनुसार, कोविड-19 को फैलने से रोकने व इसका इलाज करने में शामिल बिना लक्षण वाले सभी स्वास्थ्यसेवा कर्मियों और संक्रमित लोगों के घरों में संपर्क में आए लोगों में संक्रमण के खिलाफ इस दवा का इस्तेमाल करने की भी सिफारिश की गई है। इसके अलावा जिन अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीज भर्ती नहीं हैं, वहां काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को भी यह दवा लेनी होगी। बता दें कि आईसीएमआर, स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी सहित कुछ संस्थानों के शुरुआती अध्ययन में पता चला है कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के सेवन से कोरोना संक्रमण का खतरा कम हुआ है।

हालांकि, इसके कुछ दुष्प्रभाव भी सामने आए हैं, लेकिन वो ज्यादा गंभीर नहीं हैं। ऐसे में ज्वाइंट मॉनिटरिंग ग्रुप और नेशनल टास्क फोर्स ने यह दवा किसे देनी है उसका दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। दिल्ली के तीन सरकारी अस्पतालों में इस दवा पर अध्ययन किया गया था।

कुल 1,323 लोगों को यह दवा देकर दुष्प्रभाव देखे गए। 214 लोगों में मामूली दुष्प्रभाव मिले। कुछ लोगों को पेट दर्द, उल्टी तो कुछ को हृदय संबंधी परेशानी हुई। 7-8 लोगों को गंभीर दिक्कतें हुईं। इस बार दवा खाने वालों को विशेष एहतियात बरतने और नियमित ईसीजी करवाने की सलाह दी गई है।

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