लखनऊ में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली व्यवस्था (Power Supply) पूरी तरह चरमरा गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों में कहीं मुख्य ट्रांसफार्मर फुंकने, कहीं भूमिगत केबल (Underground Cable) में फाल्ट आने तो कहीं खंभों में आग लगने के कारण बड़े पैमाने पर बिजली कटौती दर्ज की गई। इस संकट के कारण दो लाख से अधिक की आबादी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और लोगों को 20 से लेकर 27 घंटे तक बिना बिजली के उमस में रातें काटनी पड़ीं। बिजली गुल होने से घरों के इन्वर्टर पूरी तरह ठप हो गए और सुबह होते-होते पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया।
खुर्रमनगर ट्रांसमिशन ठप, 2 लाख आबादी प्रभावित
बिजली संकट का सबसे बड़ा असर महानगर क्षेत्र में देखा गया, जहां शालीमार गेलेंट की 33 केवी (KV) लाइन में आए फाल्ट के कारण खुर्रमनगर ट्रांसमिशन का 100 एमवीए (MVA) पावर ट्रांसफार्मर अचानक बंद हो गया। इसके चलते विकासनगर, शालीमार गेलेंट, इंटीग्रल, सृष्टि और जीपीआरए सहित कई प्रमुख उपकेंद्रों की बत्ती सोमवार शाम 7:20 बजे गुल हो गई। इस तकनीकी खराबी से लगभग दो लाख की आबादी अचानक अंधेरे में डूब गई। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने आनन-फानन में लोड को दूसरे पावर ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट किया और रात 11:40 बजे फाल्ट को दुरुस्त कर आपूर्ति सामान्य की जा सकी।
पीजीआई क्षेत्र में धमाके के साथ फटा ट्रांसफार्मर
पीजीआई क्षेत्र के जगतखेड़ा और धनपाल खेड़ा इलाके में रविवार रात करीब 11 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फट गया और उसमें भीषण आग लग गई। धमाका इतना जोरदार था कि लोग डरकर अपने घरों से बाहर भाग आए। इस हादसे में ट्रांसफार्मर के साथ-साथ पूरी एबी केबल जलकर राख हो गई, जिससे दो हजार से अधिक लोगों की बिजली पूरी तरह ठप हो गई। इसके अलावा, शारदानगर विस्तार के माती गांव में भी सोमवार सुबह छह बजे अचानक ट्रांसफार्मर फुंक गया, जिससे पूरे गांव में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच गई।
छतों और सड़कों पर कटी रात, उपकेंद्रों पर हंगामा
भीषण गर्मी में घंटों बिजली न आने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पीजीआई और शारदानगर क्षेत्र में सोमवार सुबह तक इन्वर्टर बंद हो जाने और पानी खत्म होने से लोगों के दैनिक कार्य पूरी तरह ठप हो गए, जिससे नौकरीपेशा लोग समय पर दफ्तर नहीं जा सके। नाराज स्थानीय निवासियों ने बिजली उपकेंद्र पहुंचकर जमकर हंगामा किया। लोगों का आरोप है कि इलाके में आए दिन केबल जलने और फाल्ट की समस्याएं होती हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया जाता। उमस के कारण बच्चों और बुजुर्गों को पूरी रात छतों और सड़कों पर टहलकर गुजारनी पड़ी।
इन इलाकों में भी केबल जलने से छाया अंधेरा
गोसाईंगंज व डालीगंज: गोसाईगंज के माढ़रमऊ गांव में मंगलवार रात 10:30 बजे बिजली के खंभे में आग लगने से एबीसी केबल जल गई। वहीं, डालीगंज के इक्का स्टैंड उपकेंद्र के ठप होने से राजीव नगर, मुकारिम नगर और मनकामेश्वर मंदिर जैसे बड़े इलाकों में अंधेरा छा गया।
चंदर नगर व चिनहट: चंदर नगर उपकेंद्र के राम नगर, गुरुनानक नगर और सुंदर नगर में रात 10:30 बजे से लाइट गायब रही। उधर, चिनहट के शिवपुरी उपकेंद्र के पावर ट्रांसफार्मर की लीड जलने से प्रेमबाग, सतरिख रोड और बजरंग कुटिया इलाके प्रभावित रहे।
उत्रेठिया व सैनिक नगर: न्यू डिफेंस कॉलोनी में देर रात एबीसी केबल जलने से गुल हुई बिजली सोमवार सुबह सात बजे बहाल हो सकी, जबकि सैनिक नगर के 12-ई ट्रांसफार्मर में तार जल जाने से पूरी रात आपूर्ति बाधित रही।
15 हजार आबादी 27 घंटे तक रही बेहाल
पीजीआई क्षेत्र के अंबेडकर उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले कल्ली पश्चिम, एकतानगर, शिवधाम कॉलोनी, पंचवटी कॉलोनी, मीना आवास, ओम नगर और सबा खेड़ा समेत 20 से अधिक मोहल्लों में बिजली संकट ने सबसे ज्यादा कहर ढाया। शनिवार रात दो बजे आवास विकास न्यू फीडर की भूमिगत (Underground) केबल में आए फाल्ट के कारण करीब 15 हजार लोगों को लगातार दो रातें घने अंधेरे और बिना पंखे के गुजारनी पड़ीं। करीब 27 घंटे के लंबे इंतजार के बाद सोमवार तड़के 4:30 बजे जाकर आपूर्ति बहाल हो सकी।
अमौसी जोन के अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) ब्रह्मपाल ने बताया कि 7 जून को रात दो बजे केबल में फाल्ट आया था। टीम ने पेट्रोलिंग कर पीजीआई नाले के पास फाल्ट ठीक करके सुबह सप्लाई चालू की थी, लेकिन फीडर दोबारा ट्रिप हो गया। लखनऊ-रायबरेली नेशनल हाईवे पर भारी ट्रैफिक होने के कारण सड़क के नीचे दबी अंडरग्राउंड केबल का सटीक फाल्ट ढूंढने में काफी समय लग गया, जिसके कारण मरम्मत कार्य सोमवार सुबह ४ बजे तक खिंच गया।
