भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र देने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस इस्तीफे के बाद ठाकरे भी शासन करने का नैतिक आधार खो चुके हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा की मांग है कि पूरे मामले की विस्तार और गहनता से जांच होनी चाहिए और लोगों को पता चलना चाहिए कि कौन किसको प्रश्रय दे रहा था, कौन किसको बचा रहा था। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा अघाड़ी दरअसल वसूली अघाड़ी है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री श्री देशमुख ने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि वह नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं जो अपने आप में हास्यास्पद बात है। लेेकिन अब मुख्यमंत्री श्री ठाकरे को बताना चाहिए कि उनकी नैतिकता अब कहां हैं।
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श्री प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र लोकलाज से चलता है। श्री ठाकरे शासन करने का नैतिक आधार से वंचित हो गये हैं। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में ऐसा पहली बार हुआ है कि पुलिस कमिश्नर गृह मंत्री पर आरोप लगा रहा है कि गृह मंत्री एक सहायक पुलिस निरीक्षक को वसूली करने का आदेश दे रहा था। उन्होंने कहा कि सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे से पूछताछ में अनेक पर्तें खुल रहीं हैं। हम चाहते हैं कि जांच निष्पक्षता एवं गहनता से हो और पता चलना चाहिए कि उगाही की मांग श्री देशमुख अपने लिये कर रहे थे या पार्टी के लिए अथवा पूरी सरकार के लिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले की अब तक की जांच से लग रहा है कि इसमें बहुत सारे सेतु सामने आयेंगे। हम चाहते हैं कि सब सेतुओं की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहायक उप निरीक्षक सचिन वाजे से पूछताछ में निकलने वाले तारों को जोड़ा जायेगा तो एक बड़े षड़यंत्र के रूप का खुलासा होगा।