मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में जेल में बंद चश्मदीद कैदी का सनसनीखेज खुलासा

चश्मदीद कैदीचश्मदीद कैदी

बागपत। पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या ने यूपी में सनसनी मचा रखा है। इस हत्या को लेकर कई अनसुलझे सवाल है। जिसका जवाब अभी तक नहीं मिला पाया है। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट इसे मात्र कहासुनी में हुई हत्या नहीं बल्कि सोची समझी साजिश की तरफ इशारा करते हैं। वहीं जेल में हत्या के चश्मदीद कैदी ने जिस बात का खुलासा किया है, उसने हड़कंप मचा दिया है।

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चश्मदीद कैदी ने किये कई खुलासे

इस हत्याकांड के चश्मदीद कैदी ने मुन्ना बजरंगी की हत्या से पहले कुछ ऐसी बातें बतायी हैं। जिनसे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं। चश्मदीद के मुताबिक रविवार रात वह खाना खाकर जेल परिसर में टहल रहा था, करीब सवा नौ बजे जेल का मुख्य द्वार खुला और बाहर खड़ी एक एंबुलेंस को देखकर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़बड़ी मच गई। एंबुलेंस को चेकिंग के बाद अंदर प्रवेश दिया गया, जिसमें से डरा-सहमा हुआ मुन्ना बजरंगी नीचे उतरा। कई सुरक्षाकर्मी तीन चरण में तलाशी लेकर बजरंगी को तन्हाई बैरक की ओर ले गए।

कैदी ने बताया कि इसी बीच विक्की सुन्हैड़ा आया और बजरंगी के गले मिलकर उसका स्वागत किया। बजरंगी को अलग बैरक में ले जाया जाने लगा तो बजरंगी की मांग पर विक्की और बजरंगी को एक बैरक में रखा गया। थोड़ी देर बाद बराबर वाली बैरक में बंद सुनील राठी उनकी बैरक में आया और हंसी-ठिठोली होने लगी। रात करीब एक बजे तीनों बैरक के बाहर मैदान में आ गए, जहां उन्होंने शराब पी। करीब ढाई बजे विक्की और बजरंगी एक बैरक में सो गए और सुनील अपनी बैरक में चला गया।

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एक फोन कॉल के बाद मुन्ना बजरंगी को मारी गयी गोली

चश्मदीद कैदी के मुताबिक सुबह के पांच बजे बैरक खुली तो मुन्ना, विक्की और सुनील बाहर आ गए और चाय का इंतजार कर रहे थे। वहीं चाय में देरी होने पर मुन्ना नहाने के लिए चल दिया। उनसे बताया कि इसी बीच सुनील की मुन्ना से किसी टेंडर की बात को लेकर कहासुनी हुई। उस समय विक्की ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसी बीच सुनील के पास एक कॉल आई उसने कॉल पर बात की और थोड़ी देर बाद सुनील ने पिस्टल निकालकर बजरंगी पर हमला बोल दिया। बजरंगी अपनी जान बचाने के लिये भागा भी, लेकिन गोली लगने से वह गिर गया। सुनील ने एक मैगजीन खाली कर दूसरी मैगजीन डाली और फिर एक के एक बाद एक सभी गोलियां बजरंगी के शरीर में उतार दीं।

चश्मदीद कैदी ने बताया कि वहीं इसके बाद चारो तरफ हड़कंप मचा गया और यह देखकर वहां तैनात एक पुलिसकर्मी भी भाग निकला। अन्य बैरकों से बाहर घूम रहे कैदियों में भी भगदड़ मच गई। वह जहां के तहां छिप गए। इसके बाद सुनील अपनी बैरक में चला गया। करीब पांच मिनट बाद पुलिसकर्मी, कैदियों मौका-ए-वारदात पर पहुंचे तो बजरंगी का शव लहूलुहान पड़ा था। सुनील को पुलिसकर्मियों ने घेर लिया और बैरक की तलाशी ली, लेकिन उस समय कुछ नहीं मिला। बाद में सुनील ने इतना जरूर कहा कि वह मुझे मारने आया था, मैंने उसे मार दिया। प्रत्यक्षदर्शी का दावा है कि सुनील पर पहले से पिस्टल थी।

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सीडीआर खोलेगी राज

सवाल उठता है कि सुनील के पास किसकी कॉल आई, जो वह बजरंगी से इतना क्षुब्ध हो गया। चर्चा है कि बजरंगी के गुर्गों ने सुनील के भाई अरविंद की पूर्वांचल की जेल में पिटाई कर दी थी, जिससे वह क्षुब्ध था और बजरंगी को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने राठी के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई है, जिसमें साफ हो जाएगा कि इतनी सुबह कॉल करने वाला व्यक्ति कौन था?

 

 

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