देशभर में पाठ्यक्रम, फीस पर नियंत्रण समेत कई अन्य मामलों पर किए गए सवाल

एकसमान पाठ्यक्रम
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नई दिल्ली। संसद में सोमवार को शिक्षा का मुद्दा भी उठा। देशभर में एक समान पाठ्यक्रम, फीस पर नियंत्रण समेत कई अन्य मामलों पर किए गए सवालों का केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री  रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ (HRD Minister Ramesh Pokhriyal Nishank) ने जवाब दिया। लोकसभा सत्र के दौरान भारत में शिक्षा व्यवस्था को लेकर क्या सवाल उठे और मंत्री न उसका क्या जवाब दिया, इस बारे में आगे पढ़ें।

देशभर में एक समान पाठ्यक्रम लागू करने के मामले में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह संभव नहीं है। क्योंकि राज्य भी अपने पाठ्यक्रम तैयार करते हैं। निशंक ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान डीके सुरेश और कुछ अन्य सदस्यों के पूरक प्रश्नों के उत्तर में ये बात कही।

उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी (NCERT) पूरे देश के लिए पाठ्यक्रम तैयार करती है, जिसे काफी हद तक राज्य अपनाते भी हैं। लेकिन राज्य भी अपने यहां की संस्कृति और दूसरे बिंदुओं के आधार पर पाठ्यक्रम तैयार करते हैं। ऐसे में पूरे देश में पाठ्यक्रम की एकरूपता संभव नहीं है।

लोकसभा सत्र के दौरान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs – Indian Institute of Technologies) की स्वायत्तता पर भी सवाल पूछे गए। इस पर केंद्रीय मंत्री निशंक ने बताया कि आईआईटी को तकनीकी संस्थान कानून 1961 (Institute of Technolofy Act 1961) के तहत संचालित किया जाता है। यह कानून आईआईटी को बोर्ड ऑफ गववर्नर्स के जरिए कार्य करने की स्वायत्तता प्रदान करता है। फिलहाल संस्थान को इससे अधिक स्वायत्तता प्रदान करने को लेकर कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।

एक सवाल के लिखित जवाब में निशंक ने कहा कि सरकार ने निजी मान्य विश्वविद्यालयों (Pvt Deemed to be University) में शुल्क के नियमन के लिए और प्रति व्यक्ति शुल्क पर प्रतिबंध लगाने के लिए ड्राफ्ट यूजीसी रेगुलेशन 2019 तैयार कर लिया है।

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