• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

अगर किसी ने मुंबई पर हाथ डालने की हिम्मत की, तो… मंच से दहाड़े राज ठाकरे

जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया...

Writer D by Writer D
05/07/2025
in महाराष्ट्र, राजनीति, राष्ट्रीय
0
Raj Thackeray

Raj Thackeray

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

महाराष्ट्र में शनिवार को करीब दो दशक बाद ठाकरे परिवार के दो चचेरे भाई- राज ठाकरे (Raj Thackeray) और उद्धव ठाकरे एक मंच पर नजर आए। वर्ली स्थित एनएससीआई डोम में आयोजित ‘आवाज मराठीचा’ नामक महारैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने सरकार के तीन-भाषा फॉर्मूले को वापस लेने के फैसले को मराठी अस्मिता की जीत करार दिया और इस फैसले के पीछे मराठी एकता को श्रेय दिया।

रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने कहा, “आज 20 साल बाद मैं और उद्धव एक साथ आए हैं। जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया- हम दोनों (राज और उद्धव) को एक साथ लाने का काम।”

राज (Raj Thackeray) के इस बयान पर पूरे पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए स्पष्ट रूप से कहा कि मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की जो कोशिश की जा रही है, वह कभी कामयाब नहीं होगी। अगर किसी ने मुंबई पर हाथ डालने की हिम्मत की, तो मराठी मानुष का असली बल देखेगा।

हम पर हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है

राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए पूछा, “अचानक हिंदी पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है? ये भाषा का प्रेम नहीं, बल्कि एजेंडा है। हम पर हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है। हम ये बर्दाश्त नहीं करेंगे। जब हमारे बच्चे इंग्लिश मीडियम में पढ़ते हैं तो हमारे मराठीपन पर सवाल उठते हैं। लेकिन जब बीजेपी नेताओं ने मिशनरी स्कूलों में पढ़ाई की, तब उनके हिंदुत्व पर किसी ने उंगली नहीं उठाई। ये दोगलापन नहीं चलेगा।”

उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे और उनके पिता श्रीकांत ठाकरे भी इंग्लिश मीडियम से पढ़े थे लेकिन मराठी को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने बालासाहेब से जुड़ा एक पुराना किस्सा सुनाया, जब 1999 में बीजेपी शिवसेना सरकार बनने की संभावना थी और बीजेपी नेता सुरेश जैन को मुख्यमंत्री बनाने की बात लेकर बालासाहेब से मिलने पहुंचे थे। बालासाहेब ने तब स्पष्ट कह दिया था कि महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री सिर्फ मराठी मानुष ही होगा।

उन्होंने साफ कहा, “कल को मैं हिब्रू भाषा सीख लूं, तो किसी को क्या दिक्कत है? दक्षिण भारत से सीखो, उन्होंने अपनी भाषा के लिए एकजुटता दिखाई। दक्षिण भारत में तमिल और तेलुगु भाषाओं को लेकर लोगों ने एकजुटता दिखाई, लेकिन महाराष्ट्र में लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है। महाराष्ट्र एक हो गया है, अब ये लोग जाति की राजनीति शुरू करेंगे। ताकि मराठी भाषा के लिए बनी एकता टूट जाए।”

मराठी रेजिमेंट की तरह एकजुट रहो

राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने भारतीय सेना का उदाहरण देते हुए कहा, “सेना में मराठा रेजिमेंट है, बिहार रेजिमेंट है, नागा रेजिमेंट है। सब अलग हैं, लेकिन जब युद्ध होता है, तो एकजुट होकर भारत के लिए लड़ते हैं। मराठी समाज को भी उसी तरह एकजुट रहना चाहिए।”

मीरा रोड की घटना को तूल देना गलत: राज

राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने हाल ही की मीरा रोड की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा, “अगर झगड़े में किसी को थप्पड़ मारा गया और वो गुजराती निकला तो क्या करें? क्या माथे पर लिखा होता है कि वो कौन है? बिना वजह किसी पर हाथ मत उठाओ, लेकिन कोई ज़्यादा करे, तो चुप भी मत बैठो। और हां, मारपीट के वीडियो बनाना बंद करो। बिना वजह किसी को मत मारो, लेकिन अगर कोई गलती करता है, तो उसे सबक भी सिखाओ।”

उन्होंने कहा कि उनके कई गुजराती दोस्त हैं जो मराठी से प्रेम करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं एक गुजराती को ‘गुज-राठी’ कहता हूं क्योंकि वो दिल से मराठी से जुड़ा है। शिवाजी पार्क में मेरे भाषण सुनने वाले कई गुजराती मित्र भी हैं।”

अंत में उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहेंगी, गठबंधन बनते-बिगड़ते रहेंगे, लेकिन मराठी भाषा और संस्कृति के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। यही बालासाहेब का सपना था और यही हमारी प्रतिबद्धता है।

Tags: Maharashtra NewsMumbai News
Previous Post

धार्मिक सहिष्णुता और पर्यटन को नया आयाम देंगी नई तीर्थ यात्रा योजनाएं: मुख्यमंत्री

Next Post

सीएम धामी ने खटीमा में की धान रोपाई, किसानों के श्रम को किया नमन

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

नंदा-सुनंदा महोत्सव में शामिल हुए CM धामी, प्रदेश की सुख-शांति की कामना

22/09/2026
उत्तराखंड

सरकारी परिसंपत्तियों की मैपिंग और जियोफेंसिंग दो माह में करें पूरी: मुख्य सचिव

22/09/2026
उत्तराखंड

उत्तराखंड के 98 शहरों का होगा कायाकल्प, 2041-45 के विजन पर तैयार होंगी महायोजनाएं

22/09/2026
उत्तराखंड

अत्याचार से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले – मुख्यमंत्री

22/09/2026
उत्तराखंड

मेरी बड़ी ताकत कांग्रेस के कार्यकर्ता: हरीश रावत

22/09/2026
Next Post
CM Dhami planted paddy in Khatima

सीएम धामी ने खटीमा में की धान रोपाई, किसानों के श्रम को किया नमन

यह भी पढ़ें

शिवपाल ने अखिलेश को दी चेतावनी, बोले- एक हफ्ते में फ़ैसला न हुआ तो…..

22/11/2021

गणपति को लगाए कलाकंद का भोग, जानें बनाने की रेसिपी

28/08/2025
cm dhami

सीएम धामी ने जनता मिलन कार्यक्रम में सुनी लोगों की समस्याएं

11/10/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version