• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इतनी देर तक रहेगा भद्राकाल, इस समय ना करें राखी बांधने की गलती

Writer D by Writer D
18/08/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अगस्त का महीना त्योहारों से भरा होता है। इस महीने भाई-बहन के प्यार और स्नेह का त्योहार रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) भी मनाया जाता है। इस साल रक्षाबंधन 19 अगस्त को मनाया जाने वाला है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन का त्योहार हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और आरती कर उनके जीवन में सुख, समृद्धि, हर्ष और उल्लास की प्रार्थना करती हैं। बदले में भाई हमेशा अपनी बहन की रक्षा करने और उसे सुखी जीवन देने का वादा करता है।

मुहूर्त शास्त्र के अनुसार, राखी का त्योहार हमेशा शुभ समय देखकर ही मनाना चाहिए। रक्षाबंधन के समय भद्राकाल का ध्यान रखना चाहिए।

इतनी देर तक रहेगा भद्राकाल

वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस साल भद्रा 19 अगस्त को रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर आधे दिन रहेगी। 19 अगस्त को भद्रा सूर्योदय से पहले शुरू होकर दोपहर करीब 1.29 बजे तक रहेगी। ऐसे में रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा खत्म होने के बाद ही मनाना चाहिए।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

19 अगस्त को राखी बांधने का सबसे शुभ समय दोपहर 1.30 बजे से शाम 7 बजे के बीच रहेगा। इस बार शाम 7 बजे तक लगातार चर, लाभ और अमृत का शुभ चौघड़िया मुहूर्त रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण पूर्णिमा से कृष्ण जन्माष्टमी तक मनाया जा सकता है।

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) से जुड़ी खास बातें

– रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) भाई-बहन के प्यार का त्योहार है। रक्षाबंधन के दिन कई तरह की परंपराएं होती हैं।
– राखी का त्योहार अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग अंदाज में मनाया जाता है।
– कुछ जगहों पर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधने से पहले नारियल पर तिलक लगाती हैं और कलावा बांधती हैं।
– फिर उस नारियल को पहले भाई के हाथ में देती हैं और भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं।
– भाई को राखी बांधने से पहले उसकी आरती उतारी जाती है और फिर माथे पर तिलक लगाया जाता है। इसके बाद भाई बहन के पैर छूता है।

Tags: Raksha BandhanRaksha Bandhan 2024raksha bandhan dateraksha bandhan muhurat
Previous Post

ये पौधे भी घर में करते हैं खुशियों की बरसात

Next Post

रक्षाबंधन पर गलती से भी ना करें ये काम, शुभ परिणाम के लिए ध्यान रखें जरूरी नियम

Writer D

Writer D

Related Posts

Keshav Prasad Maurya paid tribute to PC Joshi
Main Slider

केशव प्रसाद मौर्य ने स्वर्गीय पी.सी. जोशी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

05/05/2026
Swearing-in of new government in Bengal on May 9
Main Slider

बंगाल में शपथ की तारीख तय, मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बरकरार

05/05/2026
Nuh Road Accident
Main Slider

नूंह में भीषण सड़क हादसा, यूपी पुलिस के 4 सिपाही समेत 5 की मौत

05/05/2026
Samrat Chaudhary
Main Slider

सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल का 7 मई को होगा विस्तार, पीएम मोदी भी रहेंगे मौजूद

05/05/2026
CM Yogi
Main Slider

मत करें चिंता, हर समस्या का कराएंगे समाधान: मुख्यमंत्री योगी

05/05/2026
Next Post
Raksha Bandhan

रक्षाबंधन पर गलती से भी ना करें ये काम, शुभ परिणाम के लिए ध्यान रखें जरूरी नियम

यह भी पढ़ें

DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने लिया स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, संजीव सिंघल को मिला प्रभार

23/09/2020
After strong phone, now Redmi has brought strong TV with full HD display

दमदार फोन के बाद अब Redmi लेकर आया है फुल HD डिस्प्ले के साथ दमदार टीवी

07/05/2021
कोरोना वैक्सीनेशन Corona vaccination

यूपी में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू, केजीएमयू में अमर बहादुर को लगा कोरोना का पहला टीका

16/01/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version