रमजान का पाक महिना हमें सब्र सिखाता है

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हरदोई। रमजान हमें सब्र सिखाता है, इसका मुजाहिरा करें, रमजानुल मुबारक का माह वोह माह है जिस में को सब्र की तलकीन,शुक्र अदा करने और गरीबों मिस्कीनो यतीमों की मदद का सलीका सिखाया गया है ये बात ईदगाह कमेटी के अध्यक्ष डॉ0 जुबैर अहमद नक्शबन्दी ने कही उन्होंने कहा कि इस माह दी जाने वाली जकात को सही जगह पहुंचाएँ और सदका -ए- फित्र को सही और मुसतहिक लोगों के पास पहुँचाना आपकी जिम्मेदारी है।

शहर काजी सय्यद आरिफ अब्दुल्लह ने कहा ये रमजान का माह तमाम साल के महीनों से बेहतर है। आपके  अमल से किसी को कोई परेशानी नहीं हो। मस्जिदों के अन्दर ही नमाज अदा करें। दारुल उलूम अलजामेआतुल गौसिया के प्रिंसपल अल्लामा मौलाना मेंहदी हसन ने बताया कि इस बरकत महीने में मुसलमान अपने रब से अपने गुनाहों की माफी तलब कर आने वाली जिन्दगी में खुद को अपने रब की मर्जी पर चलने वाला बनाने की कोशिश करते हैं, उनहुने बताया कि इस ब बरकत महीना में बे शुमार रहमतें बकतें नाजिल होती हैं।

तहरीक परचमे मोहम्मदी के अध्यक्ष फरीदउद्दीन अहमद ने कहा किमाहे रमजान महज खाने पीने से रुकने का नाम नही बल्कि अपनी तमाम निकियों से अल्लाह पाक को राजी करने का नाम है। इस तपिश भरे मौसम में लोगों के लिए राहत का इंतजाम करें,मुसाफिरों व मेहनतकश मजदूर पेशा लोग जो रोजे से हों उनका ख्याल रखें और उनके लिए बेहतर अफ्तार का इंतजाम करें।

दरगाह हजरत सागर मियां के सज्जादा नशीन व ऑल इण्डिया उलेमा मशाईख बोर्ड हारदोई यूनिट के महासचिव,प्रवक्ता मुईजउद्दीन अहमद सागरी चिश्ती ने कहा कि इस माहे मुबारक में कुरआन पाक को पढऩे के साथ उसका (तर्जुमा) ट्रांसलेशन पढऩ भी आवश्यक है। ताकि हम कुरआन पाक की तालीमात (शिक्षा) को समझ सकें।

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