Research: 30-40 वर्ष की महिलाएं स्तन कैंसर से ज्यादा प्रभावित

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अलीगढ़। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) नई दिल्ली के स्तन रोगों के प्रमुख शल्य चिकित्सक और शोधकर्ता, सर्जिकल डिसीप्लीन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर अनुराग श्रीवास्तव ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडीकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित ‘कार्सिनोमा स्तन की देखभाल में हालिया रुझान‘ विषय पर एक व्याख्यान दिया है। जिसमें उन्होंने बायोप्सी, मास्टक्टोमी, स्तन संरक्षण-सर्जरी और अन्य विषयों के बीच देखभाल के तरीकों पर चर्चा करी।

30-40 वर्ष की महिलाएं अन्य आयु समूहों की तुलना में स्तन कैंसर से ज्यादा प्रभावित

प्रोफेसर श्रीवास्तव ने बताया कि 30 और 40 वर्ष आयु की महिलाएं भारत के अन्य आयु समूहों की तुलना में स्तन कैंसर से ज्यादा प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्तन कैंसर का सबसे अधिक मामला चेन्नई, बैंगलोर और तिरुवनंतपुरम से आता हैं। प्रोफेसर श्रीवास्तव ने बताया कि ‘‘जल्द ही माइक्रोवेव या फोटोडैनेमिक पृथक्करण और इम्यूनोथेरेपी सर्जरी को प्रतिस्थापित कर देगी,‘‘ यह भी संभावना बताई जा रही है कि स्तन कैंसर की उपचार प्रक्रिया में मास्टक्टोमी से स्तन-संरक्षण-शल्य चिकित्सा में एक आदर्श बदलाव आए।

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25 वर्ष से पहले बच्चे होने से स्तन कैंसर को रोका जा सकता है

इसके अलावा उन्होंने कहा कि वजन घटाने, कम वसा खाने, शारीरिक व्यायाम की आदत विकसित करने और 25 वर्ष से पहले बच्चे होने से स्तन कैंसर को रोका जा सकता है। प्रोफेसर श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं के लिए स्तन क्लीनिकल परामर्श भी लेना चाहिये जब भी वह स्तन में छोठी गांठ महसूस करें। एएमयू के कुलपति, प्रोफेसर तारिक मंसूर ने प्रोफेसर श्रीवास्तव के काम की सराहना करी और उन्होंने कहा कि बेहतर जीवन रक्षा और जीवन की गुणवत्ता के लिए स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान और उसका उपचार आवश्यक है।

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स्तन कैंसर के मामलों में प्रमुख कारण महिलाओं को जानकारी का आभाव

प्रोफेसर मंसूर ने रोगियों और समाज के लाभ के लिए जेएनएमसी और एम्स के बीच संयुक्त शोध कार्यक्रम और सहयोग का सुझाव भी दिया। सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद असलम ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत में बढ़ते स्तन कैंसर के मामलों में प्रमुख कारण महिलाओं को जानकारी का आभाव है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कुलपति, अतिथि वक्ता एवं अन्य मेहमानों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। वहीं डॉ उरुज नजमी ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मेडीकल चिकित्सकों एवं रेजीडेंट्स ने भाग लिया।

 

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