रूस के राष्ट्रपति की मीडिया पर सख्ती, महिलाओं को दी मेहमानों से संबंध स्थापित करने की खुली छूट

रूस के राष्ट्रपतिरूस के राष्ट्रपति

सेंट पीटर्सबर्ग। रूस में Fifa world cup  का महाकुंभ शुरू हो चुका है, लेकिन दुनिया की नजरें इस वक्त रूस पर टिकी हुई हैं। Fifa world cup  से रूस अपनी अपराधमुक्त छवि भी विश्व के सामने प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा है। इसलिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मीडिया को सख्त आदेश दिया है कि वह फीफा वर्ल्ड कप तक ( 50 दिन ) तक अपराध से जुड़ी खबरें न दिखाए।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बोले पुलिस 25 जुलाई तक मीडिया को  न दें अपराध की खबरें

आंतरिक मंत्रालय  प्रेस सर्विस की ओर से कहा गया है कि पुलिस किसी अपराध को पकड़ने या मामला सुलझाने की खबर 25 जुलाई तक मीडिया को  न दें। रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि सिर्फ  सकारात्मक खबर या सूचनाएं ही प्रकाशित की जाएं। माना जा रहा है कि इस आदेश के जरिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रूस की अपराध मुक्त छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रूसी मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक 6 जून के बाद से किसी अपराधी को पकड़ने और मामला सुलझाने की खबरें मीडिया में नहीं आईं। सेंट्रल फैडरल डिस्ट्रिक्ट के एक कर्नल ने भी बताया कि उन्हें अपराध से जुड़ी खबरें, खोजी अभियान और सुरक्षा इंतजामों के बारे में सूचनाएं नहीं देने का आदेश मिला है।

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Fifa world cup के दौरान आने वाले फुटबॉल प्रशंसकों के साथ यौन संबंध बना सकती हैं रूसी महिलाएं

रूस के राष्ट्रपति कहा कि रूसी महिलाएं Fifa world cup के दौरान आने वाले फुटबॉल प्रशंसकों के साथ यौन संबंध बना सकती हैं। इस बात की जानकारी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने दी। उन्होंने कहा कि रूसी महिलाओं को इस बारे में सब कुछ खुद ही तय करना है। वह इस दुनिया की सबसे बेहतरीन महिलाएं हैं। बतातें चलें   कि 1980 में हुए विश्वकप के दौरान कई रूसी महिलाओं ने बाहर से आए खिलाड़ियों के साथ संबंध बनाए थे, जिसमें कई महिलाएं गर्भवती हो गईं और उन्हें बाद में नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा। वहीं व्लादिमीर ने LGBT पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। इससे पहले एक महिला सांसद ने बुधवार को कहा था कि ‘रूसी महिलाएं फुटबॉल प्रशंसकों के साथ यौन संबंध बना और मिश्रित-प्रजाति के बच्चों की एकल मां बनने से दूर रहें।

1980 में आयोजित ओलंपिक के दौरान स्थानीय महिलाएं के विदेशियों के साथ रिश्ते बने और वे गर्भवती हो गईं

70 वर्षीय कम्युनिस्ट तमारा पलेनेवा निचले सदन में परिवार, महिलाओं और बच्चों के समिति की प्रमुख हैं। उन्होंने गोविरिट मोस्कवा रेडियो स्टेशन को बताया था कि वे उम्मीद करती हैं कि महिलाएं दौरे पर आए प्रशंसकों के साथ डेट पर नहीं जाएंगी और गर्भवती नहीं होंगी। उन्होंने कहा, रूस द्वारा आयोजित विश्व कप का मतलब यह हो सकता है कि युवा महिलाएं किसी से मिलेंगी और फिर बच्चे पैदा करेंगी… मैं उम्मीद करती हूं ऐसा नहीं हो। उन्होंने मॉस्को में साल 1980 में आयोजित ओलंपिक से स्थिति की तुलना की, जब कुछ स्थानीय महिलाएं के विदेशियों के साथ असामान्य रिश्ते बने और वे गर्भवती हो गईं।

Fifa world cup रूस की जन्म दर को बढ़ावा दे सकता है,व्लादिमीर पुतिन के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य

यह पूछे जाने पर कि क्या विश्व कप रूस की जन्म दर को बढ़ावा दे सकता है, जो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है।  पलेनेवा ने जवाब दिया कि हमें अपने बच्चों को जन्म देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी संभावना है कि मिश्रित नस्ल वाले बच्चों की परवरिश अकेले माता-पिता के परिवारों में होती है। उन्होंने कहा कि यह अच्छा होगा अगर वे समान (मां की) नस्ल के हों, लेकिन यदि वे अन्य प्रजाति के हो गए, तो और भी बुरा होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्रवादी नहीं हूं।

बच्चों के पिता उन्हें अपने साथ विदेश लेकर चले जाएं

उन्होंने कहा कि ये खतरा बना रहता है कि इन बच्चों को त्याग दिया जाए और बस अपनी मां के साथ छोड़ दिए जाएं। या फिर एक अन्य परिस्थिति यह है कि उनके पिता उन्हें अपने साथ विदेश लेकर चले जाएं। जिसके बाद इन महिलाओं की रूसी नागरिकों से शादी करने की इच्छा हो जाए। उनकी टिप्पणियों की आलोचना हुई और लोग उनकी बातों की हंसी उड़ा रहे हैं। Fifa world cup के लंबे समय से चल रहे नस्लवाद विरोधी अभियान की पृष्ठभूमि में ट्विटर पर रेडियो पत्रकार तात्याना फेलगेनहाउर ने लिखा कि मुझे आश्चर्य है कि पलेनेवा क्या कहेंगी जब उन्हें ‘नस्लवाद को ना कहें’ की याद दिलाई जाएगी।

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