बेंगलुरु। कर्नाटक में लिंगायत समुदाय के संत बसवलिंगा स्वामी (Saint Basavalinga Swamy ) सोमवार को आश्रम में ही मृत पाए गए। ये घटना कर्नाटक के रामनगर की है। कुडूर थाने की पुलिस ने लिंगायत संत के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस ने इसे लेकर अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक 45 साल के बसवलिंगा स्वामी कर्नाटक के रामनगर जिले के श्रीकंचुगल बंदे मठ के लिंगायत संत थे। बसवलिंगा स्वामी श्रीकंचुगल बंदे मठ के प्रधान पुजारी भी थे। सोमवार को बसवलिंगा स्वामी ने अपना कमरा नहीं खोला। मठ के लोगों के साथ ही उनके अनुयायियों ने भी दरवाजा खटखटाने के साथ ही उन्हें फोन कॉल्स भी किए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
बताया जाता है कि बसवलिंगा स्वामी के अनुयायियों ने किसी अनहोनी की आशंका से दरवाजा तोड़ा तो वे चौंक गए। उनका शव मठ के पूजा घर की खिड़की की जाली से फंदे पर लटका मिला। अनुयायियों ने इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बसवराज स्वामी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस को कमरे से बसवराज स्वामी का दो पेज का सुसाइड नोट (Suicide Note) भी मिला है।
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गौरतलब है कि जिस मठ में ये घटना हुई है, वह करीब चार सौ साल से अधिक पुराना है। बसवलिंगा स्वामी 25 साल से अधिक समय से इस मठ में पुजारी थे।
एक साल में मठ के स्वामी की खुदकुशी का दूसरा मामला
कर्नाटक में मठ के प्रमुख द्वारा खुदकुशी का एक साल में दूसरा मामला है। इसके पहले चिलुम मठ के बसवलिंगा स्वामी 19 दिसंबर 2021 को इसी तरह मृत मिले थे। कहा गया था कि खराब स्वास्थ्य के चलते उन्होंने यह कदम उठाया था।